हिमाचल के 131 प्राइमरी स्कूलों में शून्य, 1957 में 10 से कम विद्यार्थी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के बाद हालात सामान्य होते ही कम संख्या वाले विद्यार्थियों के स्कूलों से संबंधित जिलों के प्रारंभिक शिक्षा निदेशकों से वस्तुस्थिति प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के माध्यम से प्राप्त की जाएगी।
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हिमाचल प्रदेश के 131 प्राथमिक स्कूलों में एक भी विद्यार्थी का दाखिला नहीं है। प्रदेश में 1957 ऐसे स्कूल भी हैं जहां विद्यार्थियों की संख्या 10 से कम है। बुधवार को विधानसभा में विधायक रमेश धवाला के सवाल का लिखित जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने स्थिति स्पष्ट की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के बाद हालात सामान्य होते ही कम संख्या वाले विद्यार्थियों के स्कूलों से संबंधित जिलों के प्रारंभिक शिक्षा निदेशकों से वस्तुस्थिति प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के माध्यम से प्राप्त की जाएगी। इस रिपोर्ट के गुण-दोष के आधार पर स्कूलों को बंद करने या मर्ज करने को लेकर आगामी फैसला लिया जाएगा।
विधायक रमेश धवाला को दिए लिखित जवाब में बताया गया है कि विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले सबसे अधिक स्कूल जिला शिमला में है। यहां 32 स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या शून्य है। इसके अलावा मंडी में 27, कांगड़ा में 24, कुल्लू-किन्नौर-बिलासपुर में आठ-आठ, चंबा में 10, हमीरपुर में 6, सिरमौर-सोलन में तीन-तीन और ऊना व लाहौल एवं स्पीति जिले में एक-एक स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या शून्य है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि 10 विद्यार्थियों से कम संख्या वाले प्राथमिक स्कूल जिला शिमला में 485, मंडी में 335, कांगड़ा में 288, बिलासपुर में 76, हमीरपुर में 64, किन्नौर में 69, कुल्लू में 98, लाहौल एवं स्पीति में 147, सिरमौर में 112, सोलन में 88 और ऊना में 40 हैं।