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शून्य लागत खेती सिखा रहे जेल के कैदी, किसानों को दिया प्रशिक्षण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 03 Oct 2018 01:42 PM IST
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कंडा जेल के कैदियों ने गांधी जयंती पर नई मुहिम शुरू की है। कैदियों ने आसपास के क्षेत्रों के दो दर्जन से ज्यादा किसानों को शून्य लागत कृषि का प्रशिक्षण दिया। ग्रामीणों को सफाई के लिए भी प्रेरित किया। अब अन्य जेलों के कैदियों और कर्मचारियों को भी शून्य लागत कृषि के प्रचार और प्रसार में लगाने की तैयारी है।
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डीजी जेल सोमेश गोयल ने बताया कि कुछ समय पहले जेल के कुछ कर्मचारी शून्य लागत कृषि सीखने के लिए कुरुक्षेत्र स्थित गुरुकुल भेजे गए थे। ट्रेनिंग के बाद इन कर्मचारियों ने जेल में बंद इच्छुक कैदियों से शून्य लागत कृषि के टिप्स साझा किए। अब प्रशिक्षण लेने वाले कैदी इस ज्ञान को आसपास के गांवों के किसानों तक पहुंचाकर उन्हें कम लागत में अच्छी गुणवत्ता वाली खेती करने के लिए प्रशिक्षण दे रहे हैं।
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गोयल ने बताया कि जेलों में बंद कैदियों में ज्यादातर के पास अपनी जमीन है। ऐसे में खुद में खेती के प्रति रुचि के चलते पहले उन्होंने नई तकनीक को सीखा और अब वह दूसरों को भी सीख दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब अन्य जेलों के कैदियों व कर्मचारियों को भी इसके प्रचार-प्रसार में लगाया जाएगा।
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वहीं, मंगलवार को प्र्रदेश भर की जेलों में गांधी जयंती के अवसर पर कैदियों ने सफाई बनाए रखने की शपथ लेते हुए सफाई अभियान चलाया। कंडा जेल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कैदियों ने महात्मा गांधी के भजन गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।