कांस्टेबल भर्ती के आवेदन रद्द होने पर भड़के युवा, गड़बड़ी की जताई आशंका
कांस्टेबल भर्ती के लिए आवेदन रद्द होने के बाद हजारों बेरोजगार युवा भड़क गए हैं। प्रदेश में 1063 पदों के लिए हजारों युवाओं ने आवेदन किया था। अब आवेदन यह कहकर रद्द कर दिए हैं कि आवेदन शुल्क नहीं भरा गया है।
वहीं, युवाओं का कहना है कि उन्होंने आवेदन फीस भरी है। उनके पास इसके सारे सबूत भी हैं। बेरोजगार युवा आवेदन फीस में घपले की आशंका जता रहे हैं।
मंगलवार को बेरोजगार युवाओं ने एसपी दफ्तर धर्मशाला के समक्ष आक्रोश जताया।
उनका आरोप है कि कांस्टेबल भर्ती के लिए उन्होंने पुलिस विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया था। नेट बैंकिंग से फीस भी जमा करवाई थी। फीस जमा करवाने के बाद पुलिस विभाग ने ऑनलाइन आवेदन स्वीकृति पत्र ई-मेल से भेजा।
फोन पर एप्लीकेशन फार्म का यूजर नंबर और पासवर्ड आया। सही से आवेदन पत्र भरने और फीस जमा करवाने के बाद पुलिस विभाग ने उन्हें यूजर नंबर और पासवर्ड जारी किया था। बावजूद इसके पुलिस विभाग ने उनका आवेदन रिजेक्ट कर दिया है।
युवाओं का कहना है कि पुलिस विभाग उनके आवेदन स्वीकार कर एडमिट कार्ड जारी करे, ताकि 20 जून से शुरू होने वाले भर्ती प्रक्रिया के लिए शारीरिक परीक्षण में वे भाग ले सकें। सामान्य वर्ग से 140 और आरक्षित वर्ग से 35 रुपये आवेदन फीस ली गई थी।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके आवेदन स्वीकार नहीं किए गए तो वे आंदोलन करेंगे। आवेदन पत्र किसी कारणवश रद्द हुए थे तो इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। प्रदेश भर में करीब 16 हजार आवेदनों को रद्द किया गया है।
इसमें लगभग छह हजार आवेदन जिला कांगड़ा के हैं। उधर, एसएसपी कांगड़ा संतोष पटियाल ने कहा कि युवा उनसे मिले हैं। शिकायत पत्र पुलिस मुख्यालय शिमला भेज दिया है। आगे की कार्रवाई पुलिस मुख्यालय ही करेगा।
पुलिस विभाग ने उन्हीं लोगों को एडमिट कार्ड जारी किए हैं, जो भर्ती के लिए सभी मापदंड तय करते थे। जो लोग भर्ती प्रक्रिया के योग्य नहीं थे, उन्हें एडमिट कार्ड जारी नहीं किए गए हैं। - एसआर मरडी, डीजीपी