फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   year ender 2017 gudiya rape case and forest guard hoshiyar singh murder

2017: गुड़िया रेप और होशियार सिंह मामलों से दहल उठा था हिमाचल

Sun, 31 Dec 2017 01:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला/मंडी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला/मंडी Updated Sun, 31 Dec 2017 01:57 PM IST
विज्ञापन
year ender 2017 gudiya rape case and forest guard hoshiyar singh murder

गुड़िया दुराचार एवं हत्याकांड और वन रक्षक होशियार सिंह कत्ल से साल 2017 दहल उठा। इन दोनों मामलों ने हिमाचल प्रदेश के हर आम और खास को झकझोर दिया। इन दोनों प्रकरणों ने तख्तापलट तक कर डाला। प्रदेश में इस साल कानून-व्यवस्था एक बड़ा सवाल रहा। राज्य में लोगों की जुबां पर ये मुद्दा लगातार बना रहा।

विज्ञापन


जुलाई महीने के शुरू में ही राजधानी शिमला के नजदीक कोटखाई के दांदी जंगल में गुड़िया दुराचार और हत्या मामला सामने आया। दांदी जंगल में छह जुलाई को स्थानीय स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा गुड़िया (काल्पनिक) का शव दुराचार और हत्या के बाद फेंका हुआ मिला।
विज्ञापन


स्थानीय पुलिस ने इस मामले में जिन लोगों को पकड़ा, उनके असल अपराधी होने पर जनता सवाल खड़े किए। पुलिस की ओर से इस मामले से संबंधित एक आरोपी सूरज सिंह की कोटखाई थाने के भीतर हत्या कर दी गई। इससे लोग भड़के और उन्होंने थाना तक फूंक डाला।
विज्ञापन
विज्ञापन


हिमाचल हाईकोर्ट में मामला पहुंचा तो इस पर सीबीआई जांच के आदेश हुए। बाद में सीबीआई ने गुड़िया मामले से संबंधित सूरज सिंह हत्या मामले में आईजी, एसपी समेत नौ पुलिसवालों को ही सलाखों के पीछे डाल दिया।

सीबीआई ने ये कहानी सामने लाई कि पुलिसवालों ने न केवल सूरज सिंह की हत्या की, बल्कि गुड़िया मामले में भी असल मुजरिमों को नहीं पकड़ा। गलत लोगों पर ही जाली केस बनाए गए। अभी गुड़िया मामले की जांच जारी है।

जून में पेड़ से लटका हुआ मिला होशियार का शव

year ender 2017 gudiya rape case and forest guard hoshiyar singh murder

साल 2017 में ही दूसरा मामला मंडी जिले में बहुचर्चित फोरेस्ट गार्ड होशियार सिंह हत्याकांड का सामने आया। इस मामले ने भी प्रदेश भर में कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। नौ जून को होशियार सिंह का शव पेड़ से उलटा लटका हुआ मिला।

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और दो दिन बाद हत्या की धारा आत्महत्या में बदल दी गई। पुलिस विभाग की थ्योरी पर सवाल उठे।

महकमे की कार्यशैली से क्षुब्ध लोगों को होशियार और उसकी बूढ़ी दादी को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा। बाद में यह जनआंदोलन पूरे प्रदेश में फैल गया और अब मामला सीबीआई के सुपुर्द है।

पांच जून को लापता हुआ था फॉरेस्ट गार्ड

year ender 2017 gudiya rape case and forest guard hoshiyar singh murder

पांच जून को होशियार सिंह सेरी कतांडा बीट से लापता हुआ। परिजनों ने सोचा कि वह कहीं दोस्तों के घर है। या फिर ड्यूटी के दौरान वनों की रक्षा करने के लिए गश्त पर है। 6 जून को विभागीय बैठक में भी नहीं पहुंचा। उसके बाद विभागीय तौर पर होशियार सिंह की तलाश आरंभ हुई। सात जून को सर्च आपरेशन हुआ।

होशियार सिंह का पता नहीं चला।  परिजनों से बातचीत करने के बाद विभाग ने पुलिस को सूचित किया। आठ जून को पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ संयुक्त टीम गठन करके सर्च आपरेशन शुरू किया। लेकिन होशियार सिंह का कहीं भी पता नहीं चल सका। इस दौरान पुलिस ने अन्य पहलुओं पर भी जांच आगे बढ़ाना चाही, लेकिन उसका मौका ही नहीं मिला।

नौ जून को सुबह दस बजे होशियार सिंह की लाश पेड़ पर उलटी लटकी मिली। उसकी शर्ट खुली हुई थी और शर्ट हाथ में बंधी थी। 11 जून को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा गया। इस दौरान परिजनों ने पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठाए।

पुलिस ने हत्या की धारा आत्महत्या में बदल दी। 12 से 14 जून को जनआंदोलन तेज हो गया। 14 को फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह मामले में हत्या की धारा को आत्महत्या में बदलने के विरोध में और उच्च स्तरीय या सीबीआई जांच की मांग को लेकर वन कर्मचारियों और आम जनता का आक्रोश मंगलवार को मंडी में सड़कों पर फूट पड़ा।

सीआईडी के बाद सीबीआई ने शुरू की जांच

year ender 2017 gudiya rape case and forest guard hoshiyar singh murder

20 जून को सीआईडी ने जांच संभाली। 14 सितंबर को सीबीआई ने जांच शुरू की। हिमाचल हाईकोर्ट ने फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत मामले की जांच सीबीआई को देने के आदेश दिए। बहुचर्चित मामले की जांच सीबीआई को सौंपने से हिमाचल पुलिस को एक बड़ा झटका लगा।

वन रक्षक होशियार सिंह की हत्या के मामले में सीबीआई ने तीन एफआईआर दर्ज की। ये तीन प्राथमिकियां शिमला स्थित सीबीआई की भ्रष्टाचार रोधी शाखा में दर्ज की गईं। हिमाचल हाईकोर्ट ने इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए।

सीबीआई ने एक एफआईआर होशियार सिंह की हत्या और दूसरी प्राथमिकी अवैध वन कटान के आरोप में दर्ज की है। अब मामला कोर्ट के विचाराधीन है। सीबीआई स्टेटस रिपोर्ट दायर कर चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed