विधानसभा मानसून सत्र: विक्रमादित्य बोले- अतिरिक्त बजट जारी कर होगी भारी बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत
शून्यकाल के दौरान विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बारिश के कारण खराब हुई सड़कों के मामले उठाए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि, विधायक खराब सड़कों की सूची सदन में ही उन्हें उपलब्ध करवाएं, वह विधानसभा से ही संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर सड़कों की मरम्मत के निर्देश जारी करेंगे।
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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त बजट जारी किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शून्यकाल के दौरान यह एलान किया। विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बारिश के कारण खराब हुईं सड़कों के मामले उठाए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विधायक खराब सड़कों की सूची सदन में ही उन्हें उपलब्ध करवाएं, वह विधानसभा से ही संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर सड़कों की मरम्मत के निर्देश जारी करेंगे। इससे पहले चुराह से विधायक हंसराज ने अपने क्षेत्र की विभिन्न सड़कों के क्षतिग्रस्त होेने का मामला उठाया। बिलासपुर से विधायक त्रिलोक जमवाल ने मलयावर गांव की सड़क बहने का मामला उठाया। कहा कि करीब 1500 की आबादी वाला पूरा गांव अन्य क्षेत्रों से कट गया है।
नगरोटा में रैबीज फैलने पर ट्रैंक्विलाइजर गन की कमी
विधायक रघुवीर सिंह बाली ने नगरोटा में रैबीज फैलने का मामला उठाया। उन्होंने पशु औषधालयों में ट्रैंक्विलाइजर गन की कमी पर चिंता जताई। बाली ने बताया कि कुत्तों के संक्रमित होने के बाद गाय और बैल भी रैबीज का शिकार हो रहे हैं। 2 सितंबर को उनके क्षेत्र में छह लोग रैबीज संक्रमित पशुओं के हमलों से घायल हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे पशुओं को बेहोश कर अस्पताल पहुंचाने के लिए ट्रैंक्विलाइजर गन उपलब्ध नहीं हैं। बाली ने ओबीसी प्रमाणपत्र की वैधता छह माह से बढ़ाकर तीन साल करने का मुद्दा भी सदन में उठाया। पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी पशु औषधालयों को ट्रैंक्विलाइजर गन उपलब्ध करवाई जाएंगी। इनका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर किया जा सकेगा।3 साल से 17 कूहलें बंद, सिंचाई नहीं कर पा रहे किसान : परमार
सुलह से विधायक विपिन परमार ने उनके क्षेत्र में बीते तीन वर्षों से बंद पड़ी 17 कुहलों का मामला उठाया। बोले, किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा। कहा कि उप मुख्यमंत्री जिनके पास जलशक्ति विभाग भी है। उनसे भी बंद पड़ी कूहलों का मामला उठाया, लेकिन विभाग सोया हुआ है।
पुनर्मूल्यांकन में 4 नंबर के हुए 47, रिफंड की जाए फीस : त्रिलोक जमवाल
बिलासपुर सदर से विधायक त्रिलोक जमवाल ने कॉलेजों और विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रकार की फीसों में की गई भारी बढ़ोतरी का मामला शून्यकाल में उठाया। पहले री-इवैल्यूएशन फीस प्रति विषय 250 रुपये वसूली जाती थी, अब 1,000 रुपये कर दी गई है। यदि किसी छात्र को तीन विषयों में री-इवैल्यूएशन करवानी है तो 3,000 देने पड़ते हैं। कहा कि एक छात्र के परीक्षा परिणाम में 4 अंक आए, जब री-इवैल्यूएशन करवाई तो 4 नंबर के 47 नंबर हो गए। ऐसे छात्र जो परीक्षा परिणाम में फेल हैं और री-इवैल्यूएशन के बाद पास हो रहे हैं उनकी फीस रिफंड की जानी चाहिए और कॉपी जांचने वालों पर प्रतिबंध लगना चाहिए।