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Shimla News: बिना बजट के मुरझाने लगे शहर में सड़क किनारे लगे फूल

Wed, 15 Apr 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Apr 2026 11:59 PM IST
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Without budget, roadside flowers in the city started withering.
पहाड़ों की रानी शिमला की सड़कों को सुंदर बनाने के लिए जगह-जगह एक करोड़ से रोपे थे फूल
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क्रॉसर
अब एग्रीमेंट खत्म होने पर विभाग को करनी है देखरेख
विभाग के पास नहीं है फूलों के रखरखाव के लिए बजट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगे डंगों और दीवारों को ढकने के लिए फूलदान लगाकर इनमें रोपे फूलों का रखरखाव करना लोक निर्माण विभाग के हॉर्टिकल्चर डिविजन के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
इस परियोजना का मकसद पहाड़ों की रानी शिमला की सड़कों को सुंदर बनाना था। फूलों के रोपने पर एक करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के समाप्त होने के बाद इन फूलों के रखरखाव के लिए आवश्यक बजट का प्रावधान नहीं हो रहा है। इस कारण लोक निर्माण विभाग को इन फूलों के पौधों को जिंदा रखना मुश्किल होने लगा है। बीते दिनों हुई बारिश से दीवारों पर टंगे गमलों में लगे फूलों में कुछ हरियाली नजर आने लगी है, लेकिन कुछ स्थानों पर फूल सूखने लगे हैं और इनमें झाड़ियां भी उग आई हैं।
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बीते वित्त वर्ष में इन फूलों के रखरखाव पर खर्च के बिल को अभी कोषागार से मंजूरी नहीं मिली है। आगे के लिए बजट के भेजे प्रस्ताव पर अभी कोई फैसला नहीं हो सका है। लोक निर्माण विभाग के पास स्थायी माली कम हैं, जो हैं वह मंत्रियों, अधिकारियों के सरकारी आवासों में लगे पौधों और फूलों की देखरेख करते हैं। अब विभाग को इंतजार है कि सरकार को भेजे बजट के प्रस्ताव को कब मंजूरी मिलती है। बजट पर ही निर्भर करेगा कि स्मार्ट सिटी में लगे इन गमलों में लगे फूलों का रखरखाव कैसे होगा।
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विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दो साल तक इन इन गमलों में लगे 15 से 20 प्रजातियों के फूलों के रखरखाव का एग्रीमेंट हुआ था, इसकी समय सीमा 2025 में समाप्त हो चुकी है। इसके बाद से अभी तक विभाग के माली ही इन फूलों के लिए पानी देने और इसका रखरखाव कर रहे हैं, मगर विस्तृत क्षेत्र होने के कारण यह करना मुश्किल हो रहा है। गर्मी और बढ़ती है, तो इन फूलों को बचाना मुश्किल होगा।


फूलों के रखरखाव के लिए मांगा है बजट : कौंडल
लोक निर्माण विभाग के हार्टिकल्चर डिविजन के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता नवीन कौंडल ने माना कि विभाग के पास अपने माली कम रह गए हैं। पूरे शहर में दीवारों में गमलों में लगे फूलों का रखरखाव का कार्य ठेके पर देना पड़ेगा। इसके लिए सरकार से बजट मांगा है। पिछले साल आए खर्च के बिलों को भी अभी मंजूरी नहीं मिली है।



कार्ट रोड पर कई जगह लगे हैं फूल
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एक करोड़ से शहर के कार्ट रोड, सचिवालय परिसर, राजभवन के आसपास की दीवारों, बालूगंज क्राॅसिंग तक और शहर के अन्य कई स्थानों पर गमले लगाए गए हैं। कार्ट रोड पर गमलों में लगे अधिकतर फूल और लताएं ताजा बारिश के चलते हरी भरी हो गई हैं, लेकिन इनमें कुछ पौधे सूखने लगे हैं।
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