HP Assembly Winter Session: तपोवन में विधानसभा का शीत सत्र 19 दिसंबर से, हंगामेदार रहने के आसार
धर्मशाला के तपोवन में चौदहवीं विधानसभा का यह चौथा सत्र है। 19 से 23 दिसंबर तक सत्र चलेगा। मंगलवार को 11 बजे सत्र दिवंगत विधानसभा सदस्यों के शोकोद्गार से होगा।
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हिमाचल विधानसभा का पांच दिवसीय शीत सत्र मंगलवार को 11:00 बजे से शुरू होगा। लोकसभा चुनाव से पहले हो रहे शीत सत्र के हंगामेदार के आसार हैं। कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे को घेरने के लिए तैयार हैं। भाजपा जहां कांग्रेस सरकार को चुनाव से पहले दी गारंटियां पूरा नहीं करने, बरसात के बाद आपदा राहत का ठीक से बंटवारा नहीं होने जैसे मुद्दों को लेकर घेरने का प्रयास करेगी, वहीं सरकार भी केंद्र से पर्याप्त मदद न मिलने को बड़ा मुद्दा बनाते हुए आक्रामक रुख से जवाब देने की तैयारी में है। विपक्ष रिक्तियों को समय पर न भरने, कर्मियों को विभिन्न लाभ न देने, स्टांप पेपर के रेट बढ़ाने और पर्यटन कारोबार को नुकसान होने जैसे मसलों को भी हथियार बना सकता है।
धर्मशाला के तपोवन में चौदहवीं विधानसभा का यह चौथा सत्र है। 19 से 23 दिसंबर तक सत्र चलेगा। मंगलवार को 11 बजे सत्र दिवंगत विधानसभा सदस्यों के शोकोद्गार से होगा। उसके बाद प्रश्नकाल प्रस्तावित है। अगर प्रश्नकाल में शुरू में ही गतिरोध न बना तो भाजपा विधायक कर्मचारियों को समय पर महंगाई और आवास भत्ता नहीं देने पर प्रश्न करने की तैयारी में हैं। कर्मियों को डीए और अन्य लाभ नहीं देने के मसले पर भी विपक्ष आक्रामक रुख में नजर आएगा तो कांग्रेस केंद्र से आपदा राहत के लिए पर्याप्त मदद नहीं मिलने समेत अन्य मसलों पर भाजपा को घेरने का प्रयास करेगी। हिमाचल में कानून-व्यवस्था पर भी भाजपा सवाल उठाएगी।
शोकोद्गार के बाद स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा भी मांग सकता है विपक्ष
विपक्ष शोकोद्गार के बाद स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की भी मांग कर सकता है। यानी सारा काम रोककर एक ही विषय पर चर्चा के लिए अड़ सकता है। स्थगन प्रस्ताव आपदा राहत का ठीक से बंटवारा नहीं करने के मसले पर लाया जा सकता है।
विधानसभा उपाध्यक्ष की नियुक्ति पर स्थिति अभी साफ नहीं
शीत सत्र के लिए विधानसभा उपाध्यक्ष की नियुक्ति पर सोमवार तक तक स्थिति साफ नहीं की गई है। हालांकि, इस बारे में मंगलवार को तस्वीर साफ हो सकती है। पिछले तीन सत्र भी बगैर विधानसभा उपाध्यक्ष के ही आयोजित किए गए।
मंत्रिमंडल विस्तार तो किया, पर बगैर पोर्टफोलियो के होंगे दो मंत्री
राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार कर सरकार ने दो नए मंत्री तो बनाए गए हैं, मगर वे शीत सत्र के दौरान बगैर पोर्टफोलियो के हाेंगे। पिछले हफ्ते ही घुमारवीं के विधायक राजेश धर्माणी और जय सिंहपुर के विधायक यादविंद्र गोमा मंत्री बनाए गए हैं।
केंद्र से मदद न मिलने पर भाजपा को घेरने की तैयारी में सरकार
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार मंगलवार से शुरू होने वाले विधानसभा के शीत सत्र में प्रश्नकाल से ही आक्रामक तेवर दिखाएगी। केंद्र सरकार से आपदा राहत राशि नहीं मिलने को मुद्दा बनाकर सुक्खू सरकार विधानसभा के शीत सत्र में भाजपा को घेरेगी। सोमवार देर शाम को धर्मशाला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री सहित सभी कैबिनेट मंत्री, मुख्य संसदीय सचिव और कांग्रेस विधायक मौजूद रहे। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान भाजपा विधायकों को घेरने की रणनीति बनाई गई। प्रदेश सरकार की ओर से बीते एक वर्ष के दाैरान किए गए कार्यों को विधानसभा सदन में जोरदार तरीके से उठाने का फैसला लिया गया। बैठक के दौरान फैसला लिया गया कि सभी कांग्रेस विधायक सदन में आक्रामक तेवर रखेंगे। भाजपा विधायकों के हर सवाल का जोरदार तरीके से जवाब दिया जाएगा। बैठक के दौरान सभी मंत्रियों और विधायकों को सदन में पूरे समय अपनी उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कांग्रेस विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों और जिलों में किए गए विकाय कार्यों की जानकारी रखने को कहा।
12,000 करोड़ के ऋण और बंद संस्थानों को मुद्दा बनाएगी भाजपा
जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में धर्मशाला में हुई। इसमें भाजपा विधायकों को आक्रामक तरीके से मुद्दे उठाने को कहा गया। भाजपा विधायक दल ने चर्चा की कि इस बार विपक्ष के पास कई मुद्दे हैं। जैसे केंद्र से 3,378 करोड़ रुपये की सहायता, आपदा राशि में बंदरबांट, हिमाचल सरकार की ओर से 12 महीने में 12,000 करोड़ रुपये का ऋण जैसे मसले उठाए जाएंगे। उन्होंने चर्चा की कि भाजपा को अभी तक कांग्रेस सरकार की ओर से संस्थान बंद करने का जवाब नहीं मिला है। इसे भी मुखरता से उठाया जाएगा। कुछ विधायकों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। केंद्र से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, नाबार्ड से आए पैसे और नेशनल हाईवे के लिए आई धन राशि के मुद्दे को सदन में भाजपा प्रमुखता से उठाएगी। कुछ विधायकों ने चर्चा की कि एपीएल राशनकार्ड धारकों को झटका लगा है। डिपुओं के माध्यम से दी जाने वाली चीनी के दाम तीन रुपये बढ़ा दिए गए हैं। पहले जहां इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीस रुपये किलो के हिसाब से चीनी मिलती थी। अब प्रति किलोग्राम चीनी के दाम 33 रुपये निर्धारित किए गए हैं। इससे प्रदेश के करीब 12 लाख राशन कार्ड उपभोक्ताओं को चीनी के नए दाम चुकाने होंगे। ऐसे तमाम मुद्दे उठाए जाएंगे।