पहाड़ पर ठंड का कहर, जमने लगी झीलें, पुलिस चौकियां हटाईं
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शीत मरुस्थल लाहौल-स्पीति में रात का तापमान शून्य से नीचे लुढ़क गया है। 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात के समय बबबब निचले क्षेत्रों में भी रात को पानी के पाइप जाम हो रहे हैं।
धूप खिलने पर ही नलों में पानी आ रहा है। ऊंचाई पर स्थित सूरजताल, चंद्रताल, दीपक ताल और नीलकंठ झील में रात को पपड़ी जमना शुरू हो गई है। हालांकि, दिन के समय धूप खिलने से लोगों को राहत मिल रही है।
मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने मनाली-लेह मार्ग पर हिमाचल पुलिस की अस्थायी चौकियों को हटा दिया गया है।
ट्रैकिंग की मनाही, कई जगहों पर गिरने लगे फाहे
कड़ाके की ठंड और रास्तों पर पानी जमने से पर्यटन सीजन भी सिमट गया है। प्रशासन ने भी एहतियात के तौर पर घाटी में ट्रैकिंग न करने की हिदायत दी है। वहीं, जोवरंग-मणिकर्ण रूट पर कुगती जोत में बर्फ के फाहे गिरने से तापमान में और गिरावट आई है।
घाटी में अब बादल आने पर बारिश नहीं बल्कि बर्फ ही गिरेगी। घाटी की झीलें अब अगले पांच माह तक बर्फ की परत से शीशे की भांति जमी रहेंगी। उपायुक्त लाहौल-स्पीति विवेक भाटिया ने घाटी में ठंड ने दस्तक देना शुरू कर दी है। उन्होंने लोगों से उत्तरी इलाकों तथा ट्रैकिंग रूटों पर न जाने की अपील की है।