जब धूमल के एक आग्रह पर मंडी पहुंच गए थे अरुण जेटली, इस योजना का किया था शुभारंभ
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भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की मंडी से कुछ अमिट यादें जुड़ी हैं। 22 जुलाई 2012 को राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष रहते उन्होंने नेरचौक की सबसे बड़ी महत्वाकांक्षी लेफ्ट बैंक इरिगेशन योजना का शुभारंभ किया था।
उस वक्त राज्य में भाजपा सरकार थी। प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री थे। उनके एक आग्रह पर ही जेटली मंडी पहुंच गए थे। योजना के शुभारंभ के बाद अरुण जेटली ने डडौर के कंसा चौक में जनसभा की थी।
उन्होंने यहां हिमाचली अंदाज में खूब घुलने मिलने की कोशिश की थी। अपनी सादगी के कारण वह खूब चर्चा में रहे। उस वक्त उनको मंच तक लाने और वापस ले जाने की ड्यूटी वर्तमान में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा के पास थी।
राणा ने बताया कि उस दौरान जेटली ने छोटी से छोटी स्थानीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की। हालांकि मोदी सरकार में वित्त मंत्री की बड़ी जिम्मेदारी संभालने के बाद वह हिमाचल नहीं आए।
अनुराग को राजनीति में लाने का विशेष योगदान
वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली के निधन की सूचना मिलते ही मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा प्रस्तावित कार्यक्रमों को रद्द कर दिल्ली रवाना हो गए। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता की अंतिम यात्रा में शिरकत करेंगे।
उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति के लिए अकल्पनीय नुकसान है। जेटली कई के लिए मार्ग दर्शक थे। अनुभवी सांसद और उत्कृष्ट मंत्री के रूप में राष्ट्र निर्माण में उन्होंने अमूल्य योगदान दिया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री ठाकुर गुलाब सिंह ने कहा कि अरुण जेटली एक शानदार वकील, अनुभवी सांसद और एक प्रतिष्ठित मंत्री थे। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में बड़ा योगदान दिया। हिमाचल प्रदेश से उनका विशेष प्रेम था। अनुराग ठाकुर को राजनीति में आगे लाने में भी उनका विशेष योगदान रहा।