फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   water for irrigation of fields will left through solar power

मोबाइल फोन का एक बटन क्लिक करते ही खेतों में पहुंचेगा सिंचाई का पानी

Mon, 05 Feb 2018 10:07 AM IST
सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, शिमला
सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 05 Feb 2018 10:07 AM IST
विज्ञापन
water for irrigation of fields will left through solar power

अब मोबाइल फोन का एक बटन क्लिक करते ही सिंचाई का पानी स्कीम से सीधे आपके खेत तक पहुंच जाएगा। धूप से सिंचाई के लिए पानी भी लिफ्ट हो रहा है और घरेलू इस्तेमाल को बिजली भी बनेगी। 

विज्ञापन


खेतों की सिंचाई के लिए किसानों को अब पंपों के पास बैठने की जरूरत भी नहीं होगी। वे घर बैठे ही जब चाहें पंप को ऑन या ऑफ कर सकेंगे। यह सोलर पैनलों से जुड़ी मोबाइल ऐप से संभव होगा। कम लागत वाली ऐसी योजनाओं से राज्य सरकार के बजट और बिजली दोनों की ही बचत होगी। 
विज्ञापन


शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट के पास कहलोग गांव में सोलर एनर्जी से 220 मीटर ऊंचाई तक राज्य कृषि विभाग ने एक सफल प्रयोग किया है। अब कृषि महकमा हिमाचल के कृषि योग्य तमाम ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कहलोग मॉडल को अपनाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

एक क्लिक से 220 मीटर ऊपर लिफ्ट होना शुरू हो जाता पानी

water for irrigation of fields will left through solar power
प्रतीकात्मक तस्वीर

राजधानी शिमला के मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट के पास ग्राम पंचायत चनोग के कहलोग गांव में मोबाइल फोन का एक बटन क्लिक करते ही सिंचाई का पानी 220 मीटर ऊपर लिफ्ट होना शुरू हो जाता है।

सोलर पैनल के साथ ही एक चिप जोड़ी गई है, जिसका संबंध शक्ति मोबाइल ऐप से है। इसी चिप से मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित शक्ति पंप से भी इस सोलर स्कीम की निगरानी की जाती है।

अगर खुद सोलर पंप को ऑन न कर पाएं तो ये मध्य प्रदेश के शक्ति पंप पर टोल फ्री नंबर पर सूचना देने के बाद भी ऑन हो जाता है। इस योजना के लिए शक्ति पंप के साथ ही हिमाचल के कृषि महकमे का समझौता हुआ है। 

कहलोग में महज इतने पैसों से बनी सामुदायिक सिंचाई योजना

water for irrigation of fields will left through solar power

कहलोग में सामुदायिक सिंचाई योजना महज 13.73 लाख रुपये की लागत से बनी है और इसका 100 फीसदी खर्च कृषि महकमे ने ही उठाया है। सामान्य योजना में इससे चार-पांच गुणा तक खर्च आ सकता है। कहलोग में 30 सोलर पैनल लगे हैं।

इनसे 7500 वाट बिजली पैदा होती है जो 220 मीटर ऊपर तक पानी खींच रही है। जहां नीचे जाबल का खेत जगह से पानी लिफ्ट हो रहा है, वहां पानी भी बहुत कम है। इसे पहले दो छोटे-छोटे स्रोतों से एकत्र कर एक टैंक में स्टोर किया जा रहा है।

इस निचले टैंक से पानी 220 मीटर ऊपर दूसरे टैंक में जा रहा है। वहां से नीचे गांव में करीब चार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई को छह चैंबर बनाए गए हैं। इनसे कहां पानी छोड़ना है कहां नहीं, इसका भी चैंबरों में ही नियंत्रण है।

सोलर पैनल से दोहरा काम होगा। एक सिंचाई को पानी लिफ्ट होगा तो दूसरा गांव के लिए बिजली भी पैदा होगी। बिजली पैदा करने के लिए अलग से बैटरी लगवाई जा रही है। 

उजाड़ हो गई गांव की खेतीबाड़ी, अब नकदी फसलें उगाने की तैयारी  

water for irrigation of fields will left through solar power

कृषि उपनिदेशक शिमला डॉ. चंद्रप्रकाश वर्मा ने बताया कि इस योजना को उप मंडलीय भू संरक्षण अधिकारी देवी चंद कश्यप, डिविजनल इंजीनियर अश्वनी कुमार भारद्वाज, भू संरक्षण मंडल शिमला के अनुभाग अधिकारी हेमराज गांधी आदि की कड़ी मेहनत से तैयार किया गया है।

वे खुद और कृषि विभाग के निदेशक डॉ. देसराज वर्मा भी इस योजना का विजिट कर चुके हैं।कहलोग गांव के श्रीराम चंद, जगदीश चंद और खेम चंद बताते हैं कि उनके गांव में परंपरागत फसलें ही होती हैं।

इनसे अच्छी आमदनी नहीं हो पाती थी, जिससे खेतीबाड़ी लगभग उजाड़ है। अब वे नकदी फसलें उगाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कृषि महकमे का इस योजना के लिए धन्यवाद किया है।  

सिंचाई के साथ घरेलू इस्तेमाल को बिजली भी पैदा करेंगे : बाल्दी
कहलोग गांव की तरह ही सरकार पूरे हिमाचल में इस तरह की योजनाएं बनाना चाहती है। एक तो इनसे बिजली का खर्च नहीं आएगा, दूसरा खेतों की सिंचाई के अलावा संबंधित गांवों के लिए बिजली भी तैयार होगी। इससे बिजली की बचत भी होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed