फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Water Crisis in Shimla Leaders and officers are filling their tanks

Water Crisis In Shimla: नेताओं और अफसरों की भर रहे टंकियां, लोगों को लाइनों में भी नहीं मिला पानी

Mon, 17 Jun 2024 12:00 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Mon, 17 Jun 2024 12:00 PM IST
सार

शिमला में जलसंकट गहरा रहा है। इस बीच अब आम जनता को टैंकर से भी पीने लायक पानी नहीं मिल रहा। कंपनी के टैंकर पहले नेताओं, अधिकारियों और रसूखदार लोगों के घरों की टंकियां भर रहे हैं।
 

विज्ञापन
Water Crisis in Shimla Leaders and officers are filling their tanks
चक्कर के समीप नगर निगम टैंकर - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

राजधानी में गहराए जलसंकट के बीच अब आम जनता को टैंकर से भी पीने लायक पानी नहीं मिल रहा। कंपनी के टैंकर पहले नेताओं, अधिकारियों और रसूखदार लोगों के घरों की टंकियां भर रहे हैं। इसके बाद समय और पानी बचने की स्थिति में आम लोगों को सप्लाई दी जा रही है। हालत यह है कि कई इलाकों के लोगों को टैंकर की बुकिंग के बावजूद पानी नहीं मिल रहा है। 

विज्ञापन


पेयजल कंपनी के रिज और छोटा शिमला कंट्रोल रूम में रविवार शाम 5:00 बजे तक 55 टैंकरों की मांग पहुंची, लेकिन कंपनी देर शाम तक सिर्फ 35 टैंकरों को ही मौके पर भेज पाई। इनमें भी कई टैंकर पहले मंत्री, अफसरों और विधायकों के आवासों पर भेजे गए। इनमें कई मंत्री ऐसे हैं जो रोज कंपनी पर दबाव डालकर टैंकर मंगवा रहे हैं। राजभवन, राष्ट्रपति निवास छराबड़ा, बालिका आश्रम मशोबरा के लिए दोपहर के समय टैंकर भेजे गए हैं।
विज्ञापन


कंपनी का कहना है कि आम जनता को भी बुकिंग पर टैंकर भेजे जा रहे हैं, लेकिन यह टैंकर एक व्यक्ति को नहीं मिलेगा बल्कि किसी रिहायशी इलाकों में रहने वाले  लोगों को दिया जाएगा। लोग बाल्टियों में पीने लायक पानी भर सकते हैं। लोगों का कहना है कि कंपनी बुकिंग के बावजूद टैंकर नहीं भेज रही। छोटा शिमला और चौड़ा मैदान जोन के कई लोगों ने रविवार को टैंकर मंगवाए थे। लोग बाल्टियां और डिब्बे लेकर पानी भरने के लिए टैंकर का इंतजार करते रहे, लेकिन शाम तक टैंकर नहीं आया। अब सोमवार को टैंकर भेजने का दावा किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


4 हजार रुपये में मिल रहा एक टैंकर
शहर में पानी का संकट गहराने के कारण होटल मालिकों को अब टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। 2000 से 4000 रुपये देकर आठ हजार लीटर पानी खरीदना पड़ रहा है। शहर में सैलानियों के कारण सभी होटल फुल चल रहे हैं। ऐसे में पानी की खपत बढ़ी है। दूसरी ओर आपूर्ति चौथे दिन मिलने के कारण होटलों को अब टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।

शहर को मिला 29 एमएलडी पानी, जरूरत है 45 एमएलडी की 
शिमला शहर के लिए सभी पेयजल परियोजनाओं से रविवार को सिर्फ 29.19 एमएलडी पानी मिला है। यह सामान्य से करीब 16 एमएलडी कम है। गिरि से 8.14 तो गुम्मा से 18.26 एमएलडी पानी मिला है। शहर में हर रोज 45 एमएलडी पानी की जरूरत रहती है। कंपनी के अनुसार रविवार को भी दिन के समय गुम्मा से आपूर्ति बाधित रही है। ऐसे में सोमवार को संकट और बढ़ सकता है। शहर के ज्यादातर इलाकों में चौथे दिन पानी दिया जा रहा है।

'पेयजल स्रोतों की होगी जांच'
बद्दी में पानी में निकल और आर्सनिक मिलने के बाद अब राजधानी  शिमला के आसपास के पेयजल स्रोतों की भी जांच की जाएगी। प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सभी जगह से जहां से शिमला को पेयजल आपूर्ति की जाती है के पानी के सैंपल लेकर क्षेत्रीय प्रयोगशाला न्यू-शिमला में जांच करवाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता दीपक डोगरा ने बताया कि इस बार पानी में हैवी मेटल्स की जांच की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed