फेल हो गई वाटर एटीएम योजना, आईपीएच ने कर दिए हाथ खड़े
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हिमाचल में वाटर एटीएम से 50 पैसे में एक लीटर स्वच्छ पानी देने की आईपीएच की योजना एक साल बाद ही फेल हो गई। एटीएम तो हैं, पर पानी नहीं। ये महज शोपीस बनकर रह गए हैं। वर्ष 2014 में लगाए वाटर एटीएम को संबंधित कंपनी ने एक साल तक जैसे-तैसे चलाया, लेकिन उसके बाद आईपीएच 50 पैसे में प्रति लीटर पानी बेच ही नहीं पाया।
प्रदेश में लाखों रुपये खर्च कर छह वाटर एटीएम एक निजी कंपनी के साथ मिलकर स्थापित किए गए थे। आईपीएच विभाग और कंपनी के बीच वाटर एटीएम को चलाने के लिए एमओयू साइन हुआ था।
इसमें वाटर एटीएम एक साल तक कंपनी को चलाने थे। उसके बाद आईपीएच विभाग ने अपने स्तर पर वाटर एटीएम का जिम्मा देखना था, लेकिन एक साल के अंदर ही वाटर एटीएम पूरी तरह हांफ गए थे। अब पिछले तीन सालों से इन स्थानों पर वाटर एटीएम ऐसे ही बंद पड़े हैं।
इन शहरों में लगाए थे वाटर एटीएम
आईपीएच विभाग ने 2014-15 में शिमला के पुराना बस स्टैंड, विकासनगर और रिट्ज के सामने, चिंतपूर्णी मंदिर परिसर, बस स्टैंड मंडी और धर्मशाला के दाड़ी में वाटर एटीएम स्थापित किए थे।
आईपीएच के चीफ इंजीनियर अनिल बाहरी ने कहा कि एक साल तक वाटर एटीएम का जिम्मा कंपनी के हाथ में था। अब वाटर एटीएम क्यों नहीं चल रहे हैं, इस मामले की जांच की जाएगी।