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Shimla News: पैसों की बर्बादी, शिमला से सुन्नी का दे दिया 18900 रुपये किराया
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सदन में भाजपा पार्षदों ने उठाए सवाल
मेयर बोले अब इसकी विजिलेंस जांच करवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के बालूगंज से सुन्नी तक की आवाजाही के लिए नगर निगम ने एक ट्रक चालक को 18900 रुपये किराया दे दिया। यह किराया बालूगंज पशु पड़ाव से सात पशुओं को सुन्नी गो सदन शिफ्ट करने के लिए किराये पर लिए ट्रक को दिया। इस पर सदन में खूब सवाल उठे।
शहर की ट्रांसपोर्ट यूनियन के अनुसार बालूगंज से सुन्नी तक बड़े ट्रक का किराया करीब नौ हजार रुपये है। फिर चाहे राशन ले जाना हो या पशु। उधर, निगम ने इसका दोगुना किराया एक ट्रक चालक दे दिया। सदन में भाजपा पार्षद आशा शर्मा समेत अन्य पार्षदों ने जब इस पर सवाल उठाए तो निगम प्रशासन ने तर्क दिया कि गायों को उतारने और चढ़ाने का काम भी इसमें शामिल है। इसके लिए बाकायदा कोटेशन ली गई और न्यूनतम किराया लेने वालों को यह काम दिया गया। जनवरी में यह पशु शिफ्ट किए गए। महापौर सुरेंद्र चौहान ने पूछा कि अब इसमें क्या करना है, क्या कोई जांच करवानी है। पार्षदों ने कहा कि आखिर दोगुना किराया क्यों फूंका गया। यह जनता के पैसों की बर्बादी है। कंडम गाड़ियों को लेकर पार्षद कमलेश मेहता ने पूछा कि सदन और आरटीआई में दी जानकारी अलग क्यों है। इसमें से कौन सी सूचना गलत है। प्रशासन ने कहा कि आरटीआई में भूल से गलत सूचना दी गई है। इससे जुड़ी अपील का निपटारा भी किया जा रहा है।
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मेयर बोले अब इसकी विजिलेंस जांच करवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के बालूगंज से सुन्नी तक की आवाजाही के लिए नगर निगम ने एक ट्रक चालक को 18900 रुपये किराया दे दिया। यह किराया बालूगंज पशु पड़ाव से सात पशुओं को सुन्नी गो सदन शिफ्ट करने के लिए किराये पर लिए ट्रक को दिया। इस पर सदन में खूब सवाल उठे।
शहर की ट्रांसपोर्ट यूनियन के अनुसार बालूगंज से सुन्नी तक बड़े ट्रक का किराया करीब नौ हजार रुपये है। फिर चाहे राशन ले जाना हो या पशु। उधर, निगम ने इसका दोगुना किराया एक ट्रक चालक दे दिया। सदन में भाजपा पार्षद आशा शर्मा समेत अन्य पार्षदों ने जब इस पर सवाल उठाए तो निगम प्रशासन ने तर्क दिया कि गायों को उतारने और चढ़ाने का काम भी इसमें शामिल है। इसके लिए बाकायदा कोटेशन ली गई और न्यूनतम किराया लेने वालों को यह काम दिया गया। जनवरी में यह पशु शिफ्ट किए गए। महापौर सुरेंद्र चौहान ने पूछा कि अब इसमें क्या करना है, क्या कोई जांच करवानी है। पार्षदों ने कहा कि आखिर दोगुना किराया क्यों फूंका गया। यह जनता के पैसों की बर्बादी है। कंडम गाड़ियों को लेकर पार्षद कमलेश मेहता ने पूछा कि सदन और आरटीआई में दी जानकारी अलग क्यों है। इसमें से कौन सी सूचना गलत है। प्रशासन ने कहा कि आरटीआई में भूल से गलत सूचना दी गई है। इससे जुड़ी अपील का निपटारा भी किया जा रहा है।
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