मणिमहेश यात्रा: डल तोड़ने की परंपरा के बाद हुआ शाही स्नान, बर्फ में भी नहीं डिगी आस्था, देखें वीडियो
डल झील और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। कड़ाके की ठंड के बीच श्रद्धालु पवित्र डल तक पहुंचे और शुभ मुहूर्त में स्नान कर चतुर्मुखी शिवलिंग की पूजा-अर्चना की।
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राधाष्टमी पर शुक्रवार को मणिमहेश डल झील में बड़े शाही स्नान की परंपरा निभाई गई। दोपहर 1:02 बजे शुभ मुहूर्त शुरू होते ही सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र डल में आस्था की डुबकी लगाई। इससे पहले दोपहर करीब 12 बजे डल तोड़ने की परंपरा पूरी की गई। शाही स्नान के दौरान डल परिसर भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। डल झील और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। कड़ाके की ठंड के बीच श्रद्धालु पवित्र डल तक पहुंचे और शुभ मुहूर्त में स्नान कर चतुर्मुखी शिवलिंग की पूजा-अर्चना की।
इसके बाद कई श्रद्धालु पवित्र डल का जल साथ लेकर भरमौर की ओर लौट गए, जबकि कुछ ने रात डल के समीप रुकने का निर्णय लिया। ये श्रद्धालु शनिवार को शुभ मुहूर्त में स्नान करने के बाद वापसी करेंगे। राधाष्टमी के शाही स्नान का शुभ मुहूर्त शनिवार दोपहर 3:27 बजे तक रहेगा। शुक्रवार सुबह से ही मणिमहेश की ओर जाने और यात्रा पूरी कर लौटने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। चरपटनाथ, दशनामी अखाड़ा और संचूई के शिव चेलो की शनिवार देर शाम तक भरमौर पहुंचने की संभावना है। मणिमहेश यात्रा में हर वर्ष देशभर से हजारों श्रद्धालु पवित्र डल में स्नान के लिए पहुंचते हैं। राधाष्टमी के अवसर पर बड़े शाही स्नान के साथ ही शुक्रवार को भी देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे शिवभक्तों ने पवित्र डल में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की। पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदा के चलते यात्रा रद्द होने से हजारों श्रद्धालु पवित्र डल में स्नान नहीं कर पाए थे।
ठंड के कारण 82 वर्षीय श्रद्धालु की मौत
मणिमहेश डल झील के समीप अत्यधिक ठंड के कारण 82 वर्षीय श्रद्धालु की मौत हो गई। इसकी पहचान जयराम शर्मा पुत्र परस राम निवासी गांव कलरबत्ता, जिला किश्तवाड़ जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। वह भद्रवाह से कमल सिंह वजीर के छड़ी जत्थे के साथ मणिमहेश यात्रा पर पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार शुक्रवार मध्यरात्रि डल झील के समीप जयराम शर्मा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। अत्यधिक ठंड के कारण उनकी मौत होने की बात सामने आई है। इसके बाद शुक्रवार को उनका शव सिविल अस्पताल भरमौर लाया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।