बेटों की मौत के बाद मातम का माहौल
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चंडीगढ़ में शुक्रवार रात बस और कार की टक्कर में कैथू के दो युवकों की मौत से शहरवासी सन्न हैं। जवान बेटों की मौत से कैथू में मातम का माहौल है। बचपन से जिन लड़कों को खेलकूद करते हुए गलियों में लोग देखते थे, उनकी मौत की खबर से हर कोई सदमे में है।
पढ़ें, हादसे में जिंदा जले शिमला के दो युवक
शनिवार को कैथू के लाल बाग और ग्रीन हिल एरिया में सभी लोगों की आंखें नम रहीं। स्थानीय युवकों अजित, करण, रोहित और पवन ने बताया कि कुछ दिन पहले ही गौरव शिमला आया था। वार्ड में होने वाली एक शादी में आने की बात कहकर गया था। बलरूप सिंह के पिता शहर के बड़े कारोबारी हैं।
पिता सरदार स्वर्ण सिंह की भट्ठाकुफर में जीएस टेड्रिंग नाम से दुकान है। इस परिवार के हार्ड वियर, कार शोरूम सहित कई अन्य व्यवसाय हैं। बलरूप इंजीनियरिंग कॉलेज लांडरा से बीटेक कर रहा था। बलरूप की स्कूलिंग चैप्सली से हुई है। शनिवार सुबह से ही घटना की जानकारी मिलते ही लोग बलरूप के घर पहुंचना शुरू हो गए।
बिजली बोर्ड में कार्यरत हैं गौरव के माता-पिता
गौरव गर्ग के पिता टीआर गर्ग बिजली बोर्ड के सिटी डिवीजन और माता शारदा गर्ग बिजली बोर्ड के मुख्यालय कुमार हाउस में कार्यरत हैं। गौरव लांडरा में एमबीए कर रहा था। कोटशेरा कॉलेज से बीकॉम और दयानंद स्कूल से गौरव की स्कूलिंग हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार शनिवार सुबह चंडीगढ़ रवाना हो गया। गौरव का भाई रोहित गर्ग भारतीय सेना में है।
जन्माष्टमी पर खरीदी थी कार
जिस कार में चंडीगढ़ में हादसा हुआ है, उसे गौरव गर्ग के परिवार ने बीते दिनों जन्माष्टमी पर ही खरीदा था। लेकिन परिवार ने कभी सोचा नहीं होगा कि यही कार उनके बेटे की मौत का कारण बनेगी।
शनिवार को पिकनिक पर जाना था
बलरूप सिंह ने शनिवार को पिकनिक पर जाना था। पिकनिक में जाने के लिए सामान देने परिवार के सदस्य शनिवार सुबह लांडरा जा रहे थे। सोलन पहुंचते ही उन्हें बेटे की मौत की सूचना मिली।
गौरव का अर्की में हुआ दाह संस्कार
शनिवार देर शाम को गौरव गर्ग का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ से सीधे उनके पैतृक गांव अर्की ले जाया गया। यहां शनिवार शाम करीब छह बजे अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान शिमला से भी काफी संख्या में लोग अर्की पहुंचे।
देर शाम शिमला पहुंचा बलरूप का शव
बलरूप सिंह का अंतिम संस्कार रविवार को सुबह अनाडेल मैदान के पास होगा। शनिवार देर शाम बलरूप का शव चंडीगढ़ से शिमला लाया गया। शनिवार की रात शव को आईजीएमसी के शव गृह में रखा गया।