Shimla News: मौसम बदलते ही शहर में बढ़ने लगे वायरल फीवर के मामले
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) की मेडिसिन ओपीडी में हर रोज 10 फीसदी लोग इसी बीमारी का उपचार करवाने पहुंच रहे हैं।
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मौसम में आए बदलाव के बाद वायरल फीवर के मामले बढ़ने लगे हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) की मेडिसिन ओपीडी में हर रोज 10 फीसदी लोग इसी बीमारी का उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। आईजीएमसी के विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि यह बीमारी एक से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलती है। ऐसे में इस तरह की बीमारी से बचाव अत्यधिक जरूरी है। आईजीएमसी में रोजाना वायरल फीवर के मामले आ रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक मरीजों को प्राथमिक उपचार और दवाइयां देकर घर भेज रहे हैं। हालांकि जिन मरीजों को समस्या अधिक है उन्हें वार्ड में दाखिल करके उपचार दिया जा रहा है।
आईजीएमसी के मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि वायरल फीवर एक मरीज से दूसरे मरीज में फैलता है। ऐसे में सावधानी बरतना जरूरी है। ऐसे मरीज जिन्हें किडनी, हार्ट और लीवर की समस्या है अगर ऐसे मरीजों में यह फीवर होता है तो सावधानी न बरतने पर यह निमोनिया का रूप धारण कर सकता है। इसके अलावा जान को भी खतरा बन सकता है। आईजीएमसी में वीरवार शाम तक 2,271 मरीजों ने उपचार करवाया। इनमें जनरल ओपीडी में 2,179 और 92 ने इमरजेंसी में चेकअप करवाया।
वायरल फीवर के मरीजों को पैरासिटामोल और एंटीबयोटिक दवाएं दी जाती हैं। यह दवाएं मेडिसिन विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही खानी चाहिए।
-डॉ. उष्येंद्र शर्मा, मेडिसिन विशेषज्ञ, आईजीएमसी
संतुलित आहार लें मरीज
विशेषज्ञों के मुताबिक वायरल फीवर होने पर मरीजों को संतुलित आहार लेना चाहिए। इसके अलावा पर्याप्त नींद और विटामिन सी युक्त फलों का सेवन करना चाहिए। प्रोटीन वाली दालें, अंडे खाने चाहिए। इसके अलावा भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करना चाहिए और मास्क पहनना चाहिए।
बुजुर्ग लगवाएं इंजेक्शन
डॉक्टरों ने हिदायत दी हैै कि 65 साल से अधिक आयु के लोगों को वायरल फीवर से बचने के लिए इंफ्लुएंजा वैक्सीन लगानी चाहिए। इसको लेकर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।