किसी में हिम्मत नहीं, जो मेरी आवाज रोक सके: वीरभद्र सिंह
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पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते प्रेम कुमार धूमल ने बदले की भावना से उनके खिलाफ मुकद्दमे किए थे। लेकिन हमने कभी किसी के खिलाफ द्वेष की भावना नहीं रखी और उन्हें माफ कर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि किसी की हिम्मत नहीं है कि वीरभद्र की आवाज को रोक सके।
वीरभद्र सिंह हमीरपुर के मैहरे में कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में खनन माफिया और भू माफिया बड़े स्तर पर सक्रिय है। लेकिन जिला प्रशासन गहरी नींद सोया हुआ है। उन्होंने सीएम बनने के बाद जनता की सेवा को सर्वेापरि रखा, इसलिए छह बार मुख्यमंत्री बने।
उन्होंने कहा कि कभी शांता और धूमल से कोई टकराव नहीं किया और जनता की भलाई के लिए अपना संघर्ष जारी रखा। जिस स्थान से चुनाव लड़ने का दायित्व मिला वहां अपनी सीट को छोड़ हारने वाली सीट से चुनाव जीतकर अपना वर्चस्व कायम किया।
कहा कि लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए स्कूल व कॉलेज, अस्पताल खोले हैं, लेकिन भाजपा सरकार इन्हें बंद करने पर तुली है। इस अवसर पर कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री, विधायक राजेंद्र राणा, इंद्र दत्त लखनपाल ने भी अपने विचार रखे।
मैं नहीं जानता, कौन है कांग्रेस का जिलाध्यक्ष
कार्यकर्ता सम्मेलन में जिलाध्यक्ष या जिला संगठन का कोई पदाधिकारी मौजूद नहीं था। पत्रकारों के सवाल पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि हमीरपुर में कौन जिलाध्यक्ष है, मैं नहीं जानता। इस बारे में कोई टिप्पणी भी नहीं करना चाहता।
सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा के इशारे पर काम करने के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा कि रायजादा अभी नादान हैं, उन्हें कुछ नहीं पता। वीरभद्र ने कहा कि पार्टी में काम करते हुए उन्हें उम्र हो गई है, मैं कोई बच्चा नहीं हूं, जो किसी के भी बोलने पर चलूंगा।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में जिताऊ प्रत्याशी को टिकट मिलेगा। विस चुनाव में कुछ लोगों के कारण कांग्रेस को जो नुकसान पहुंचा, वह आगे नहीं होगा।