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वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों पर उठे सवाल, सीधे नियमित कर दिए तीन अफसर

Fri, 23 Mar 2018 12:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Fri, 23 Mar 2018 12:41 PM IST
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virbhadra singh govt regularised three officers service in environment department

पूर्व वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में पर्यावरण, विज्ञान एवं तकनीकी विभाग में तीन पदों पर हुई नियुक्तियां सवालों के घेरे में आ गई हैं। अमर उजाला को मिले दस्तावेजों के अनुसार विभाग ने डीपीएल (डेवलपमेंट पॉलिसी लोन) प्रोजेक्ट के तहत क्लास एक श्रेणी के तीन अधिकारियों की सेवाओं को पब्लिक सर्विस कमीशन से नियुक्ति कराए बिना ही नियमित कर दिया।

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यही नहीं, पहले तीनों अफसरों की सेवाओं को नियमित किया गया और उसके दो महीने बाद तीनों पदों को नियमित करने की अधिसूचना जारी कर दी। नई सरकार के गठन के बाद अब नियुक्ति में घपले का यह मामला सामने आया है।
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अगस्त 2011 में विश्व बैंक के डीपीएल प्रोजेक्ट के तहत विभाग में ह्यूमन हैबिटेट ऑफिसर, एमआईएस ऑफिसर और पर्यावरण निगरानी एवं मूल्यांकन अधिकारी के तीन पदों पर तीन अफसरों की नियुक्ति की गई। तीनों ही पदों पर नियुक्तियां कार्यकाल आधार पर की गईं। लेकिन साल 2017 में 23 सितंबर को विभाग ने तीनों अधिकारियों की सेवाओं को नियमित कर दिया।

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अस्थायी पदों को स्थायी करने की अधिसूचना भी जारी कर दी

virbhadra singh govt regularised three officers service in environment department

खास बात यह है कि क्लास एक के पदों की भर्ती को प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन के माध्यम से ही किया जा सकता था। लेकिन विभाग ने विभागीय स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश पर ही तीनों को नियमित कर दिया। खास बात यह है कि तीनों की सेवाओं को पांच साल का सेवा काल पूरा करने पर नियमित करने की बात कही गई।

विभागीय स्तर पर यही चूक नहीं हुई बल्कि 21 दिसंबर को 2017 को इन्हीं अस्थायी पदों को स्थायी करने की अधिसूचना भी जारी कर दी गई। हैरानी की बात यह है कि जो पद दिसंबर महीने तक स्थायी ही नहीं थे, उन पदों पर काम कर रहे अफसरों को सितंबर में ही स्थायी नियुक्ति दे दी गई।

वीरभद्र सरकार के दौरान हुए इस खेल की शिकायत अब जयराम सरकार के राज में सामने आई है। विभाग के निदेशक आरके प्रूथी ने मामले की जांच कराने की बात कही है। साथ ही कहा कि यदि नियमों को दरकिनार कर नियुक्ति की गई होगी तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

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