नौकरी नहीं मिली तो विपन ने कुछ ठानकर गिरा दी बेरोजगारी की दीवार
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बीकॉम करने के बाद रोजगार नहीं मिला तो हमीरपुर के विपन ने हिम्मत नहीं हारी। इन्होंने खरगोश पालन से बेरोजगारी की दीवार गिरा दी। खुद पैरों पर खड़े होने के बाद इस युवा ने आसपास के दर्जनों युवाओं को भी खरगोश पालन के लिए जागरूक किया और इन्हें प्रशिक्षण दिया।
ग्राम पंचायत करेर के गांव डमैणा के विपन कुमार पुत्र वतन सिंह ने 2011 में बीकॉम की डिग्री हासिल की। इसके बाद बेरोजगारों की लाइन में लग गए। छह साल तक नौकरी की तलाश जारी रही लेकिन बात नहीं बनी। इसी बीच विपन ने जून 2017 में अखबार में खरगोश पालन का विज्ञापन पढ़ा और प्रशिक्षण के लिए हरियाणा चले गए। तीन माह तक खरगोश पालने का प्रशिक्षण लिया।
इसके बाद बैंक से साढ़े चार लाख रुपये का लोन बनाकर हरियाणा से 100 खरगोश खरीदे। गांव में खरगोशों के लिए शेड बनाया। विपन ने एक साल में ही बैंक का आधा लोन चुकता कर दिया है।
इनकी कामयाबी को देखकर आसपास के पढ़े लिखे युवा भी खरगोश पालन का प्रशिक्षण ले रहे हैं। विपन कुमार का कहना है कि 50 पढ़े लिखे युवाओं को खरगोश पालन का प्रशिक्षण दे चुके हैं।
खरगोश पालन आय का एक अच्छा साधन है। ज्यादा खर्च भी नहीं होता है।