हिमाचल कांग्रेस की मांग: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश इस्तीफा दें, एसआईआर बंद हो और बैलेट पेपर से हों चुनाव
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया तत्काल रोकने और ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से मतदान करवाने की मांग का समर्थन किया।
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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से दिल्ली में किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल बंद करने और बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग भी उठाई। जिंटा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव प्रक्रिया का निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद होना आवश्यक है। उनके अनुसार, चुनाव व्यवस्था को लेकर जनता के मन में किसी तरह की आशंका नहीं रहनी चाहिए।
एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए सवाल
विनोद जिंटा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी मतदाता को उसके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर उठ रहे सवालों का संतोषजनक समाधान किया जाना चाहिए और प्रक्रिया पर पुनर्विचार होना चाहिए। कांग्रेस नेता ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस महासचिव ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सर्वोपरि है और चुनाव प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिस पर मतदाताओं को भरोसा रहे। जिंटा ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। उसकी जिम्मेदारी चुनाव व्यवस्था की निष्पक्षता बनाए रखने के साथ जनता का विश्वास कायम रखना भी है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रही आशंकाओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की बात कही
विनोद जिंटा ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों, निष्पक्ष चुनाव और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों का समाधान करने और चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।