20 किमी बर्फीले रास्ते में इस तरह अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान
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खुद की जान जोखिम में डालकर ग्रामीणों ने बीमार बुजुर्ग को 20 किमी बर्फीले रास्ते से पालकी पर उठाकर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचा ली। मामला हिमाचल के मंडी जिले के सराज क्षेत्र की घाट पंचायत का है। बुजुर्ग बुद्ध राम को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पहुंचाया गया लेकिन यहां डॉक्टर नहीं मिला। तबीयत ज्यादा खराब होता देख ग्रामीणों ने लकड़ी के दो डंडों पर कुर्सी बांधी,
जिस पर बुद्ध राम को बैठाकर बंजार अस्पताल पहुंचाया गया। बता दें कि भारी बर्फबारी से बंजार-गाड़ागुसैणी सड़क बंद है। स्थानीय ललित कुमार ने बताया कि पीएचसी गाड़ागुसैणी में डॉक्टर न होने के कारण बुजुर्ग को बंजार अस्पताल लाना पड़ा। मोहर सिंह, शेष राम, निके राम, लोतम सिंह, पिंताबर सिंह ने बताया कि 70 वर्षीय बुजुर्ग को पालकी पर उठाकर बड़ी मुश्किल से बंजार पहुंचाया।
ग्रामीणों का आरोप, बर्फ से बंद सड़क को बहाल करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे अफसर
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग घर-द्वार सुविधा देने के दावे करता है लेकिन गाड़ागुसैणी में पीएचसी होने के बावजूद कोई डॉक्टर व अन्य स्टाफ तैनात नहीं है। जिला परिषद संत राम ने बताया कि बर्फबारी से बंजार-गाड़ागुसैणी सड़क बंद पड़ी है, जिसे बहाल करने में कुल्लू व बंजार उपमंडल का प्रशासन कोई रुचि नहीं दिखा रहा।
गाड़ागुसैणी की घाट, थाचाधार और खौली पंचायतों के 32 गांवों के लोगों को बिजली और पानी भी नहीं मिल रहा। उधर, लोक निर्माण विभाग उपमंडल बंजार के एसडीओ अनिल शर्मा ने कहा कि किसी भी पंचायत या क्षेत्र से भेदभाव नहीं किया जा रहा। सभी सड़कों को बहाल करने के लिए विभाग पूरी कोशिश कर रहा है। गाड़ागुसैणी-बंजार सड़क को भी जल्द बहाल किया जाएगा।