विक्रमादित्य सिंह: 'वीरभद्र के नाम पर सियासत बर्दाश्त नहीं', कंगना के बयान पर किया पलटवार
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि किसी को भी राजनीतिक दल बनाने का अधिकार है, लेकिन वीरभद्र सिंह के नाम का इस्तेमाल उनकी विरासत का राजनीतिक लाभ लेने के लिए नहीं होना चाहिए।
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लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नाम पर राजनीतिक पार्टी बनाने की चर्चाओं पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि किसी को भी राजनीतिक दल बनाने का अधिकार है, लेकिन वीरभद्र सिंह के नाम का इस्तेमाल उनकी विरासत का राजनीतिक लाभ लेने के लिए नहीं होना चाहिए। चुनाव आयोग को सुनिश्चित करना चाहिए कि परिवार की सहमति के बिना उनके नाम पर किसी पार्टी का पंजीकरण न हो। रोहड़ू में पोस्टर से वीरभद्र सिंह की तस्वीर गायब होने पर उन्होंने कहा कि फोटो पोस्टर पर हो या न हो, महत्वपूर्ण यह है कि नेता लोगों के दिलों में कितनी जगह रखता है। वीरभद्र सिंह ने अपने काम से जनता के दिलों में जगह बनाई है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी इस मामले में चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग कर चुकी हैं। सांसद कंगना रणौत के हिमाचल को लेकर दिए बयान पर पलटवार करते हुए विक्रमादित्य ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन प्रदेश की उपलब्धियों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। हिमाचल ने शिक्षा, प्रति व्यक्ति आय और सामाजिक सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में प्रगति की है।
पीएमजीएसवाई के दूसरे बैच में 340 सड़कों पर खर्च होंगे 3000 करोड़
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चौथे चरण के दूसरे बैच में प्रदेश की 340 सड़कों के अपग्रेडेशन पर करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। लगभग 1600 किलोमीटर सड़कों के अपग्रेडेशन और चौड़ीकरण को नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जनवरी से काम शुरू करने का लक्ष्य है। पहले बैच में 294 सड़कों के लिए करीब 2300 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। वहीं, 23 पुलों के लिए करीब 128 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
800 किलोमीटर सड़कों की मेटलिंग-टारिंग का लक्ष्य
मंत्री ने बताया कि वार्षिक रखरखाव योजना के तहत प्रदेश में 800 किलोमीटर सड़कों की मेटलिंग और टारिंग का लक्ष्य रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिटुमेन की आपूर्ति में दिक्कतों से निर्माण कार्य प्रभावित होने की आशंका है। प्रदेश सरकार इस मुद्दे को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के समक्ष उठाएगी। अक्क्तूबर दिसंबर के बीच टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जनवरी से काम शुरू करने की तैयारी है।