नए भर्ती नियम अधिसूचित: हिमाचल में तीन वर्ष के लिए ग्रुप-बी अराजपत्रित रहेंगे प्रवक्ता, जानें और क्या बदलाव हआ
प्रदेश में प्रवक्ता (स्कूल न्यू) के कुल 17,433 पदों के लिए नई नियमावली लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। नई व्यवस्था में सीधी भर्ती और पदोन्नति के लिए 50-50 फीसदी कोटा निर्धारित किया गया है।
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रवक्ता (स्कूल न्यू) और अन्य संबंधित ग्रुप-बी कर्मचारियों की भर्ती एवं सेवा शर्तों को लेकर नए नियम-2026 अधिसूचित कर दिए हैं। प्रदेश में प्रवक्ता (स्कूल न्यू) के कुल 17,433 पदों के लिए नई नियमावली लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। नई व्यवस्था में सीधी भर्ती और पदोन्नति के लिए 50-50 फीसदी कोटा निर्धारित किया गया है। वहीं, एसएमसी शिक्षकों के लिए पांच फीसदी सीमित सीधी भर्ती का विशेष प्रावधान भी किया गया है। शिक्षा सचिव की ओर से जारी अधिसूचना में प्रवक्ताओं के वर्गीकरण, वेतनमान, आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े प्रावधान स्पष्ट किए गए हैं। नए नियम लागू होने के साथ वर्ष 2010 के पुराने भर्ती नियम निरस्त कर दिए गए हैं। नई नियमावली के तहत प्रवक्ता का संवर्ग शुरुआती तीन वर्षों तक ग्रुप-बी अराजपत्रित रहेगा। तीन वर्ष पूरे होने के बाद इस संवर्ग को ग्रुप-बी राजपत्रित श्रेणी में शामिल किया जाएगा। वेतन के मामले में प्रवक्ताओं को हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2022 के तहत पे-मैट्रिक्स के लेवल-12 का टाइम स्केल निर्धारित किया गया है।
प्रवक्ताओं के पद भरने के लिए दो रास्ते तय
प्रवक्ताओं के पद भरने के लिए भर्ती के दो रास्ते तय किए गए हैं। कुल पदों में से 50 फीसदी पद सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे, जबकि शेष 50 फीसदी पद प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों (टीजीटी) को पदोन्नति देकर भरे जाएंगे। सीधी भर्ती के निर्धारित हिस्से में नियमित और नियमित किए गए कर्मचारियों से संबंधित प्रावधानों के साथ एसएमसी शिक्षकों के लिए पांच फीसदी सीमित सीधी भर्ती कोटा भी शामिल है। इस व्यवस्था से एक ओर नए अभ्यर्थियों को भर्ती के माध्यम से अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर पात्र टीजीटी शिक्षकों के लिए प्रवक्ता बनने का रास्ता भी निर्धारित होगा।
एसएमसी शिक्षकों को पांच फीसदी सीमित भर्ती का लाभ
नए नियमों में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के तहत कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। 17 जुलाई 2012 की नीति के तहत नियुक्त और कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके सेवारत एसएमसी शिक्षक इस पांच फीसदी सीमित सीधी भर्ती कोटे के दायरे में आएंगे। नियमों के अनुसार, विभाग में सभी पात्र एसएमसी शिक्षकों के समावेशन के बाद यह पांच फीसदी कोटा स्वतः समाप्त हो जाएगा और इसे सामान्य सीधी भर्ती कोटे में शामिल कर दिया जाएगा।
संबंधित विषय में स्नातकोत्तर और बीएड जरूरी
प्रवक्ता पदों के लिए संबंधित विषय में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएड या समकक्ष योग्यता का प्रावधान किया गया है। सामान्य रूप से स्नातकोत्तर में न्यूनतम 50 फीसदी अंक निर्धारित हैं, जबकि संबंधित श्रेणियों और विषयों के लिए नियमों में अलग-अलग अंक संबंधी शर्तें भी दी गई हैं। कंप्यूटर विज्ञान सहित कुछ विशेष विषयों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यताएं अलग होंगी। 18 से 45 आयु वर्ग वाले इसके लिए पात्र होंगे।