विक्रमादित्य का यू टर्न, बोले - मंदी की वजह से भत्ते बढ़ाना सही
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पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र एवं कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने माननीयों के भत्ते बढ़ाने के मामले में अब यू टर्न ले लिया है। सोशल मीडिया में विरोध करने वाले विक्रमादित्य का अब कहना है कि प्रदेश के सभी विधायकों की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है। देश में मंदी का दौर है, जिसके चलते यात्रा भत्ता बढ़ाना सही है। विक्रमादित्य मंगलवार को हमीरपुर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने का समर्थन और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से नजदीकियों के बाद कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वह चुनकर विधानसभा में पहुंचे हैं। कई बार क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करनी पड़ती है। सीएम से कार्य करवाना गलत नहीं है। भविष्य में भी अच्छे कार्यों का समर्थन और गलत कार्यों का विरोध किया जाएगा।
वहीं, कांग्रेस पर कहा कि उनका व्यक्तिगत विचार है कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) में सभी पदाधिकारियों और सदस्यों की नियुक्ति चुनाव के जरिए होनी चाहिए। वर्तमान में कई पदाधिकारियों को जमीनी हकीकत का ज्ञान नहीं है। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के समय सीडब्ल्यूसी में नियुक्तियां चुनाव के जरिए होती थीं और सीडब्ल्यूसी के निर्णय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक को मानने पड़ते थे। लेकिन वर्तमान में स्थिति इसके विपरीत है।
सड़क और पानी के बाद भाजपा के अब हवा वाले मुख्यमंत्री
देश कांग्रेस कमेटी और जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों का चयन भी चुनाव के जरिए होना चाहिए ताकि पार्टी व संगठन में नई सोच के युवा, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, महिलाओं समेत जमीनी ज्ञान रखने लोग आगे आएं और संगठन मजबूत हो।
विक्रमादित्य ने कहा कि शिमला से सुन्नी के बीच की दूरी महज 15 किलोमीटर है, लेकिन मुख्यमंत्री सड़क मार्ग के बजाय हेलीकॉप्टर से सफर करते हैं। प्रदेश में दो हेलीकॉप्टर की सेवाएं ली जा रही हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि पूर्व में भाजपा में सड़क और पानी वाले मुख्यमंत्री हुए हैं।
लेकिन जयराम ठाकुर हवा वाले मुख्यमंत्री के तौर पर जाने जाएंगे। प्रदेश में सड़कों की दुर्दशा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। लोनिवि के पास सड़कों की मरम्मत के लिए बजट नहीं है। मुख्यमंत्री अगर सड़क मार्ग से सफर करें तो उन्हें सड़कों की माली हालत का ज्ञान होगा।