118 के तहत अवैध वसूली मामले में विजिलेंस की सचिवालय में दबिश
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हिमाचल में धारा 118 के तहत अवैध वसूली मामले में विजिलेंस टीम ने सचिवालय में दबिश दी। तीन सदस्यीय टीम ने राजस्व विभाग की शाखा में जाकर जमीन संबंधी मामलों का रिकार्ड खंगाला।
इस दौरान टीम सदस्य अधिकारियों से भी दस्तावेज मामले में पूछताछ करते रहे। लगभग आधे घंटे तक टीम शाखा में ही डटी रही। विजिलेंस टीम के आने से सचिवालय में हड़कंप मचा रहा।
इससे पहले भी टीम एक बार सचिवालय से दबिश दे चुकी है। इसे लेकर विजिलेंस और सचिवालय की राजस्व शाखा में लगातार पत्राचार भी चल रहा है। अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि जमीन खरीदने में 118 की मंजूरी देने के लिए 10 लाख रुपये तक घूस ली जाती थी।
सरकारी गवाह बढ़ाएंगे मुश्किलें
यह रकम चंडीगढ़ में एक मध्यस्थ के जरिये आवेदन करने वाली पार्टियों से मिलती थी। अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि अकेले वर्ष 2010 में ही राजस्व विभाग ने ढाई सौ से ज्यादा मामलों में धारा 118 के तहत अनुमति दे दी।
सूत्रों की मानें तो मामले की जांच के दौरान मुश्किलें बढ़ाने जा रहे अब तक आधा दर्जन लोगों ने बतौर सरकारी गवाह अपने बयान दर्ज कराने की रजामंदी दे दी है। उनकी रजामंदी के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने मामले में मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।