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नियम तोड़कर सरकारी दुकानें अलॉट करने पर सचिव के खिलाफ जांच

Thu, 06 Jun 2019 11:37 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 06 Jun 2019 11:37 AM IST
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vigilance inquiry against Secretary on breaking rules in shops distribution

नियमों को तोड़कर सरकारी दुकानें अलॉट करने पर कृषि उत्पाद मंडी समिति (एपीएमसी) धर्मशाला के सचिव और अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ जांच बैठा दी है। यह विभागीय जांच विजिलेंस ब्यूरो की प्रारंभिक इन्कवायरी की रिपोर्ट के बाद बैठाई गई है।

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जांच की जद में एपीएमसी के मौजूदा सचिव और आवंटन कमेटी के अन्य सदस्य भी आ गए हैं। कृषि उत्पाद मंडी समिति जिला कांगड़ा से संबंधित इस मामले में धर्मशाला और कांगड़ा सब्जी मंडियों में पति-पत्नी को नियमों को ताक पर रखकर सरकारी दुकानें बांटने के आरोप हैं। 
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स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो के पास करीब डेढ़ साल पहले इस बारे में एक शिकायत (123/17) आई, इस पर हाल ही में विजिलेंस ब्यूरो ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी की। इसमें विजिलेंस में मामला दर्ज करने के बजाय कृषि निदेशक डॉ. देसराज शर्मा से विभागीय जांच की संस्तुति की है।
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आरोप है कि दुकानों को आवंटित करने से पहले इसकी सूचना ठीक से सार्वजनिक नहीं की गई। एक महिला को धर्मशाला सब्जी मंडी में यह जानते हुए भी दुकान का आवंटन किया गया कि  उसके पति को कांगड़ा में दुकान अलॉट हो चुकी थी। इसके लिए आवेदनों को वेरिफाई नहीं किया।
 

सचिव ने पूरी अलॉटमेंट कमेटी को लपेटा

ब्यूरो ने जिम्मेवार लोगों पर इन्कवायरी के अलावा महिला का दुकान आवंटन रद्द करने और इसके लिए जमा रकम को जब्त करने की संस्तुति की है। कृषि निदेशक डॉ. देसराज ने बताया कि मामले में कंडक्ट रूल्स के नियम 14 के तहत जांच बैठाई गई है। 

जांच अधिकारी ने सचिव राजेश डोगरा से अलग-अलग बिंदुओं पर जवाब तलब किया है, जिस पर सचिव राजेश डोगरा ने इसके लिए पूरी अलॉटमेंट कमेटी को लपेटा है।

डोगरा ने कहा कि दुकानों की अलॉटमेंट अकेले वह नहीं करते। इसे कमेटी की संस्तुति के बाद ही अलॉट किया जाता है। डोगरा ने इस मामले को खुद के खिलाफ प्रताड़ना करार दिया। कहा कि अगर उनका पक्ष ठीक से नहीं सुना गया तो वह अदालत जाएंगे।  

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