फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   vice president venkaiah naidu inaugurates science congress in hamirpur

उपराष्ट्रपति बोले- मार्गदर्शन नहीं केवल दर्शन ही होंगे मेरे

Sun, 08 Apr 2018 12:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर Updated Sun, 08 Apr 2018 12:51 PM IST
विज्ञापन
vice president venkaiah naidu inaugurates science congress in hamirpur

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने एनआईटी हमीरपुर के सभागार में कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर उनसे मार्गदर्शन की अपील कर रहे हैं। इस पर उन्होंने मंच से ही चुटकी लेते हुए कहा कि अब उपराष्ट्रपति के केवल दर्शन ही होंगे।

विज्ञापन


नायडू ने कहा कि वह एक संवैधानिक पद पर बैठे हैं, जिसके चलते अब वह किसी का मार्गदर्शन नहीं कर सकते। संवैधानिक पद पर बैठ कर उन्हें केवल देश हित की बातें करनी हैं। वह न तो राजनीति करना चाहेंगे और न राजनीति पर अब कुछ बोलेंगे।
विज्ञापन


उपराष्ट्रपति ने कार्यक्रम में केवल 23 मिनट भाषण का भाषण दिया। उन्होंने दोपहर 12:12 पर बोलना शुरू किया और 12:35 पर अपना भाषण खत्म कर दिया।

समय की कमी के चलते उन्हें जल्दी जल्दी में अपनी बात रखनी पड़ी। उन्होंने बताया कि शाम को नेपाल के प्रधानमंत्री दिल्ली पहुंच रहे हैं, जिसके चलते उन्हें उस कार्यक्रम में भाग लेना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

समय की बर्बादी पर नाराज हुए उपराष्ट्रपति

vice president venkaiah naidu inaugurates science congress in hamirpur

उपराष्ट्रपति एम वेंकया नायडू शनिवार सुबह साढ़े दस बजे एनआईटी के हेलीपेड पर भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से उतरे। उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी थे। इसके बाद गार्ड ऑफ आनर हुआ। राजकीय सम्मान के बाद वह सीधे एनआईटी के सभागार में पहुंचे।

यहां पर सबसे निजी विवि के कुलपति ने स्वागत भाषण दिया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, उनके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, चौथे नंबर पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत, पांचवें नंबर पर उपराष्ट्रपति ने मंच पर संबोधित किया। लेकिन समय की पाबंदी के चलते उपराष्ट्रपति काफी नाराज हुए।

उन्हें 12:12 मिनट पर भाषण के लिए आमंत्रित किया जा रहा था, लेकिन वह पहले ही मंच पर पहुंच गए और मंच संचालक का भाषण रुकवा दिया। उपराष्ट्रपति ने 12:35 पर अपना भाषण खत्म किया। इसके बाद दोबारा मंच संचालक ने मंच पर पहुंचकर विवि की ओर से धन्यवाद भाषण के लिए बोला तो उपराष्ट्रपति ने फिर उन्हें टोकते हुए कहा कि उनकी 12:50 पर फ्लाइट है।

इसलिए उनके पास समय नहीं है। उपराष्ट्रपति के कहने पर राष्ट्रगान गाया गया। जिसके बाद गार्ड ऑफ ऑनर हुआ और वह वायुसेना के विमान से जालंधर के लिए रवाना हो गए। जेपी नड्डा कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति के साथ एक ही विमान में आए और वापस उनके साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

मातृभूमि को कभी न भुलाएं
उपराष्ट्रपति ने कहा कि हिमाचल के लोग अपने दृष्टिकोण तथा कार्य में सुंदर व निपुण हैं और उनसे इस परंपरा को जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी मां, अपनी मातृ भूमि तथा मातृ भाषा को कभी नही भूलना चाहिए। कहा कि माता-पिता को मम्मी डेडी नहीं बल्कि अम्मा या मां कहकर पुकारना चाहिए। उन्होंने लोगों से सद्भाव से तथा प्रकृति के साथ रहने का आग्रह किया।

ग्लोबल वार्मिंग चिंता का विषय

vice president venkaiah naidu inaugurates science congress in hamirpur

एनआईटी हमीरपुर के सभागार में शनिवार को राष्ट्रीय युवा साइंस कांग्रेस कार्यक्रम में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि मानवतावादी विचारों तथा मानवीय स्पर्श के बगैर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अप्रासंगिक है।

उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग चिंता का विषय है। उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए वैज्ञानिकों से आगे आने का आग्रह किया। कहा कि आज की सभी बीमारियां हमारी बुरी जीवनशैली के कारण हैं।

खेती में रासायनिक उर्वरकों तथा कीटनशाकों का अत्यधिक प्रयोग न केवल हमारी भूमि को बंजर बना रहा है, बल्कि हमारे स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रहा है। जीरो बजट प्राकृतिक कृषि इस सबका समाधान है। उन्होंने वैज्ञानिकों से इसके प्रोत्साहन का आग्रह किया। 

उन्होंने कहा कि वर्तमान में खेतीबाड़ी में डेढ़ दर्जन रासायनिक स्प्रे का छिड़काव करने के बाद जो पैदावार हो रही है, वह जहर है। इसके सेवन से कई तरह की बीमारियां हो रही हैं।

उन्होंने महाराष्ट्र में स्प्रे करते हुए 40 किसानों की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि अगर स्प्रे की गंध से किसानों की मौत हो जाती है तो उसे फसल के सेवन से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता होगा?

यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ेगी, बल्कि हमारे स्वास्थ्य संस्थानों की भीड़ को भी कम करने में मदद मिलेगी। 

पाठयक्रम का अभिन्न हिस्सा  होना चाहिए विज्ञान : नायडू 

vice president venkaiah naidu inaugurates science congress in hamirpur

भारत के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि विज्ञान पाठयक्रम का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण सबूतों पर निर्भर करता है और प्रासंगिक प्रश्नों को उठाकर उसके जवाब तलाशता है।

युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने से ही देश विकास के पथ पर अग्रसर हो सकता है। उपराष्ट्रपति शनिवार को हमीरपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी)के सभागार में एक निजी विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित नौवीं भारतीय युवा साइंस कांग्रेस को संबोधित कर रहे थे।

बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे नायडू ने कहा कि नए भारत का सपना केवल नए विचारों और उन्हें वास्तविकता में बदलने बदलने से ही पूरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि नया भारत एक वैज्ञानिक भारत होगा, एक तकनीकी भारत होगा।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि विज्ञान कांग्रेस जैसे मंच युवा दिमाग को ज्ञान, सूचना को साझा करने और नए विचारों के साथ प्रेरणा प्राप्त करने में सक्षम होंगे, जो भविष्य के भारत को शक्ति प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जवाब देने के बजाय खोज के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण तथा हरित आवरण बढ़ाने के क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। 

आहार, व्यवहार व जीवन शैली में परिवर्तन जरूरी : नायडू 

vice president venkaiah naidu inaugurates science congress in hamirpur

उपराष्ट्रपति एम वेंकया नायडू ने कहा कि हमें नए भारत का निर्माण करना है। ऐसा समाज जहां पर भूखमरी, भ्रष्टाचार, गरीबी, सामाजिक कुरीतियां और अशिक्षा न हो। गांव में शहर की तर्ज पर अधिक सुविधाएं प्रदान करनी होंगी ताकि एक वैज्ञानिक भारत का निर्माण हो।

देश में गरीबी और सामाजिक भेदभाव समेत कई चुनौतियां हैं, जिन्हें दूर किया जाना जरूरी है। फ्रिज में रखी खाद्य सामग्री और बर्गर आदि का सेवन छोड़ पारंपरिक तरीके से पके हुए भोजन का सेवन ही करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर योग करेंगे तो रोग नहीं होंगे और योगा से योग्य बनेंगे। हमें अपने आहार और व्यवहार व जीवन शैली में परिवर्तन लाना होगा। उन्होंने केंद्र सरकार के यूरिया पर मिलने वाली सबिसडी को कंपनियों के बजाय सीधे कसानों के खातों में डालने के फैसले का स्वगात किया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि इससे पहले यह सारी सबिसडी खाद बनाने वाली कंपनियों के खाते में चली जाती थी और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं होती थी। 

जलवायु परिवर्तन गंभीर चुनौती : जयराम

vice president venkaiah naidu inaugurates science congress in hamirpur

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन हमारे अस्तित्व के लिए गंभीर चुनौती है। वैज्ञानिकों को इस समस्या के समाधान को आगे आना चाहिए।

आज के इस वैज्ञानिक युग में भारत को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाने के प्रयास किए जाने चाहिए। कहा कि वैज्ञानिक नवोन्मेष के इस दौर में हमें अपने प्राचीन ज्ञान की अनदेखी नहीं करनी चाहिए और न इसका त्याग करना चाहिए।

कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से नए भारत के निर्माण में एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री ने नवोन्मेष, स्टार्टअप तथा युवाओं के कौशल विकास को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है।

35 की उम्र खोज करने तथा सपनों की : धूमल

vice president venkaiah naidu inaugurates science congress in hamirpur

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि हमारे देश की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी 35 वर्ष से कम आयु वर्ग की है। यह उम्र खोज करने तथा सपनों की है। युवाओं की गुणात्मकता राष्ट्र के भविष्य को निर्धारित करती है।

धूमल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं। इस दिशा में कृषि विवि पालमपुर, उद्यानिकी एवं वानिकी विवि महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने युवा वैज्ञानिकों से लोगों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए कार्य करने का आग्रह किया। कहा कि भारतीय युवा कांग्रेस, देश में वैज्ञानिक सोच पैदा करने तथा विज्ञान एवं तकनीकी को बढ़ावा देने में मददगार होगी। 

प्रो. स्वामीनाथन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से दिया भाषण

vice president venkaiah naidu inaugurates science congress in hamirpur

प्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं भारत में हरित क्रांति के जनक पद्म विभूषण प्रो. एमएस स्वामीनाथन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से अपने संबोधन में कहा कि युवा वैज्ञानिकों को जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में हिमाचल के प्रयास सराहे। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के शासन में सुधारों के लिए ‘सामूहकि प्रयासों’ की आवश्यकता पर बल दिया।

कॅरिअर प्वाइंट यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. पीएल गौतम ने कहा कि पहली युवा कांग्रेस का आयोजन वर्ष 2009 में किया गया था। इस वर्ष भारतीय युवा कांग्रेस का थीम ‘नए भारत के विकास में युवा वैज्ञानिकों की भूमिका’ है। इस दौरान भारतीय युवा कांग्रेस की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed