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Shimla News: छात्रों के दस्तावेजों का सत्यापन करना कॉलेजों की जिम्मेवारी

Mon, 27 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 11:59 PM IST
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Verifying students' documents is the responsibility of colleges.
एचपीयू ने एनईपी के तहत जारी किए निर्देश, दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर पंजीकरण हो सकता है रद्द
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ऑनलाइन पंजीकरण के लिए पोर्टल हो चुका है शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, पात्रता की जांच और ऑनलाइन दर्ज विवरण की शुद्धता सुनिश्चित करना अब संबंधित कॉलेज की जिम्मेदारी होगी। किसी भी स्तर पर अनियमितता मिलने पर विश्वविद्यालय प्रवेश और पंजीकरण निरस्त कर सकता है।

यह निर्देश हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के विश्वविद्यालय में पंजीकरण करवाने और माइग्रेशन के लिए जारी किए हैं। इस बार पंजीकरण प्रक्रिया में संबद्ध महाविद्यालयों की जवाबदेही बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि विवि का ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल 27 जुलाई से शुरू हो चुका है। बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बीवोक, बीटीटीएम, बीएचएम, बीएफए, बीपीए, बीएससी डाटा साइंस, बीएससी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एईडीपी, बीएएलएलबी, ओटी शास्त्री सहित सभी सेमेस्टर आधारित स्नातक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों का पंजीकरण इसी माध्यम से होगा।
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कॉलेज और प्राचार्य स्तर से सभी आवेदन 27 अगस्त तक अनिवार्य रूप से स्वीकृत होना जरूरी है। इसके बाद आरएमई शाखा कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं करेगी। केवल मूल प्रमाणपत्रों की स्पष्ट स्कैन प्रति ही मान्य होगी। धुंधली, अपठनीय, इंटरनेट से डाउनलोड या फोटोप्रति दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे। विद्यार्थियों द्वारा भरी गई जानकारी में त्रुटि होने पर उसे कॉलेज स्तर पर ही संशोधित किया जा सकेगा।
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विश्वविद्यालय ने निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों के नाम, माता-पिता के नाम और जन्मतिथि का मिलान मैट्रिक प्रमाणपत्र तथा आधार कार्ड से किया जाए। इसके अलावा जिन मामलों में माइग्रेशन आवश्यक होगा वहां उसकी डिजिटल प्रति पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। मूल माइग्रेशन प्रमाणपत्र बाद में विश्वविद्यालय की आरएमई शाखा में जमा करना अनिवार्य है। विश्वविद्यालय ने चेतावनी दी है कि यदि प्रवेश के समय पात्रता नियमों का उल्लंघन पाया गया या बाद में कोई तथ्य गलत मिला तो किसी भी चरण में पंजीकरण अथवा प्रवेश निरस्त किया जा सकता है।



ऑनलाइन करना होगा पंजीकरण

प्रत्येक पात्र विद्यार्थी का समयबद्ध ऑनलाइन पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा। अपलोड किए सभी प्रमाणपत्रों की प्रमाणिकता और पठनीयता की जांच करनी होगी। विश्वविद्यालय अध्यादेश और एनईपी के अनुसार पात्रता का सत्यापन करना होगा। आवेदन में त्रुटि मिलने पर अंतिम स्वीकृति से पहले उसे संशोधित करना होगा। कॉलेज आईडी और प्राचार्य आईडी से निर्धारित अवधि में सभी आवेदन अनुमोदित करने होंगे। सत्यापन के बिना कोई भी आवेदन आरएमई शाखा को नहीं भेजा जा सकेगा।



विद्यार्थियों के लिए जरूरी निर्देश
आवेदन में वही विवरण दर्ज करें जो मैट्रिक प्रमाणपत्र में है। आधार कार्ड और शैक्षणिक अभिलेखों की जानकारी एक समान होनी चाहिए। केवल मूल प्रमाणपत्रों की स्पष्ट स्कैन प्रति ही अपलोड करें। जहां आवश्यक हो, माइग्रेशन प्रमाणपत्र की डिजिटल प्रति भी संलग्न करें। पंजीकरण शुल्क ऑनलाइन आवेदन भरते समय जमा करना होगा। आवेदन तभी पूर्ण माना जाएगा जब संबंधित कॉलेज उसका सत्यापन कर विश्वविद्यालय को अग्रेषित करेगा।
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