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तत्कालीन क्योंथल रियासत के वारिस वीर विक्रमसेन का निधन, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जन सैलाब
Wed, 29 Sep 2021 11:01 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 29 Sep 2021 11:01 PM IST
सार
रियासत रही क्योंथल के वारिस वीर विक्रम सेन का बुधवार को निधन हो गया। हजारों लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। वीर विक्रम सेन (56) ने बुधवार सुबह करीब आठ बजे आईजीएमसी में अंतिम सांस ली। निधन का पता चलते ही पूरे क्योंथल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
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रियासत रही क्योंथल के वारिस वीर विक्रम सेन का निधन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अंग्रेजी हुकूमत के दौरान रियासत रही क्योंथल के वारिस वीर विक्रम सेन का बुधवार को निधन हो गया। हजारों लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। वीर विक्रम सेन (56) ने बुधवार सुबह करीब आठ बजे आईजीएमसी में अंतिम सांस ली। निधन का पता चलते ही पूरे क्योंथल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। विक्रमसेन के अंतिम दर्शनों के लिए उनके महल जुन्गा में जन सैलाब उमड़ पड़ा। अब क्योंथल में एक वर्ष तक न तो त्योहार मनाए जाएंगे न ही कोई कोई शुभ कार्य होगा।
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विक्रम सेन अपने पीछे धर्मपत्नी विजय ज्योति सेन, बेटा खुश विक्रम सेन और बेटी सुन्दिनी छोड़ गए हैं। इनका अंतिम संस्कार अश्वनी और शैमला खड्ड के समागम दोगड़ा पुल के पास राजाओं की परंपरा के अनुसार किया गया। बेटे खुश विक्रम सेन ने उन्हें अग्नि दी। चचेरे भाई कंवर गिरिराज सिंह ने बताया कि शिमला गजेटियर के अनुसार वीर विक्रम सेन क्योंथल रियासत के 78वें शासक थे। इनका जन्म 4 अप्रैल 1965 को जुन्गा में हुआ था। इनके पिता राजा हितेंद्र सेन के निधन पर इन्हें 13 दिसंबर 2002 को उत्तराधिकारी घोषित किया था।
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इनके निधन की सूचना मिलने पर पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह और विधायक विक्रमादित्य सिंह सहित प्रदेश के कई राज घराने के गणमान्य व्यक्ति उनके महल जुन्गा पहुंचे थे। विक्रमसेन के असामयिक निधन पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, जिला भाजपा अध्यक्ष रवि मेहता, सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्षा रूपा शर्मा, किसान सभा के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप तंवर, कसुम्पटी भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र भोटका, महामंत्री पवन शर्मा, भाजपा सदस्य प्रीतम ठाकुर ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
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खुश विक्रमसेन उत्तराधिकारी घोषित
अंतिम यात्रा शुरू करने से पहले रियासती परंपरा के अनुसार वीर विक्रम सेन के बेटे खुश विक्रम सेन को वेदोक्त मंत्रों के साथ क्योंथल रियासत का उत्तराधिकारी घोषित किया गया। खुश विक्रमसेन एमीटी विश्वविद्यालय दिल्ली में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।