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शहर में पानी की बंदरबांट
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शिमला के बचत भवन में नगर निगम की मासिक बैठक में अपनी बात रखते पाषर्द।
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शिमला। राजधानी में पानी की बंदरबांट पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। संजौली जोन में रोजाना पानी की सप्लाई दी जा रही है, तो दूसरी ओर बाकी जोन में तीसरे दिन पानी दिया जा रहा है। पेयजल सप्लाई नियमित न मिलने पर शुक्रवार को नगर निगम की मासिक बैठक में जमकर हंगामा बरपा।
मेयर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में हुई यह बैठक शुरू होने से पहले ही गरमा गई। पार्षद दिवाकर देव शर्मा ने कहा कि कंपनी बनने के तीन साल बाद भी पानी की नियमित सप्लाई नहीं मिल रही है। कंपनी से रोजाना 4.70 लाख लीटर पानी देने को कहा था ताकि मज्याठ में रोज पानी मिल सके। लेकिन कंपनी पूरी सप्लाई नहीं दे रही। जब एजीएम से संपर्क किया तो फोन तक नहीं उठाया। दफ्तर जाकर बात करनी चाही तो वहां अफसर गाली-गलौज करने लगे। पार्षद किरण बावा ने कहा कि कंपनी के अफसर पार्षदों के फोन तक नहीं उठाते। बालूगंज में भी तीसरे दिन पानी आ रहा है। सीवेज की गंदगी खुले में बह रही है लेकिन कंपनी नई लाइन तक नहीं बिछा रही। पूर्व मेयर कुसुम सदरेट ने कहा कि उनके वार्ड में रोज पानी क्यों नहीं दे रहे। आनंद कौशल ने कहा कि अब तो गाद भी नहीं है, फिर पानी क्यों नहीं दे रहे। पार्षद आरती चौहान ने कहा कि पानी तो रोज आता नहीं, लेकिन बिल ऐसा आ रहा है, मानो पानी नहीं, घी पी रहे हैं। कहा कि कंपनी के अफसरों को सदन में बुलाया जाए। जिसने अभद्र व्यवहार किया है, वह माफी मांगे।
पार्षदों को शांत करते हुए मेयर ने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा, पार्षदों से अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा। इसके बाद सदन ने फैसला लिया कि कंपनी को पानी की नियमित सप्लाई के लिए कहा जाएगा। साथ ही पार्षद से अभद्र व्यवहार मामले में संबंधित अधिकारी की शिकायत कंपनी, जलशक्ति विभाग की जाएगी।
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इन इलाकों में तीसरे दिन आ रहा पानी
शहर में इन दिनों कई इलाकों में तीसरे दिन पानी दिया जा रहा है। चौड़ा मैदान के बालूगंज, घोड़ाचौकी, चक्कर, टूटीकंडी जबकि सेंट्रल जोन के कैथू में तीसरे दिन पानी दिया जा रहा है। छोटा शिमला जोन के कई इलाकाें में भी तीसरे दिन ही सप्लाई आ रही है। वहीं, संजौली जोन में रोजाना पानी की सप्लाई दी जा रही है। कंपनी का कहना है कि इन दिनों टैंकों की सफाई चल रही है। लेकिन सवाल उठता है कि हर बार इससे मर्ज एरिया के वार्डों की सप्लाई में ही क्यों कट लगता है।
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मेयर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में हुई यह बैठक शुरू होने से पहले ही गरमा गई। पार्षद दिवाकर देव शर्मा ने कहा कि कंपनी बनने के तीन साल बाद भी पानी की नियमित सप्लाई नहीं मिल रही है। कंपनी से रोजाना 4.70 लाख लीटर पानी देने को कहा था ताकि मज्याठ में रोज पानी मिल सके। लेकिन कंपनी पूरी सप्लाई नहीं दे रही। जब एजीएम से संपर्क किया तो फोन तक नहीं उठाया। दफ्तर जाकर बात करनी चाही तो वहां अफसर गाली-गलौज करने लगे। पार्षद किरण बावा ने कहा कि कंपनी के अफसर पार्षदों के फोन तक नहीं उठाते। बालूगंज में भी तीसरे दिन पानी आ रहा है। सीवेज की गंदगी खुले में बह रही है लेकिन कंपनी नई लाइन तक नहीं बिछा रही। पूर्व मेयर कुसुम सदरेट ने कहा कि उनके वार्ड में रोज पानी क्यों नहीं दे रहे। आनंद कौशल ने कहा कि अब तो गाद भी नहीं है, फिर पानी क्यों नहीं दे रहे। पार्षद आरती चौहान ने कहा कि पानी तो रोज आता नहीं, लेकिन बिल ऐसा आ रहा है, मानो पानी नहीं, घी पी रहे हैं। कहा कि कंपनी के अफसरों को सदन में बुलाया जाए। जिसने अभद्र व्यवहार किया है, वह माफी मांगे।
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पार्षदों को शांत करते हुए मेयर ने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा, पार्षदों से अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा। इसके बाद सदन ने फैसला लिया कि कंपनी को पानी की नियमित सप्लाई के लिए कहा जाएगा। साथ ही पार्षद से अभद्र व्यवहार मामले में संबंधित अधिकारी की शिकायत कंपनी, जलशक्ति विभाग की जाएगी।
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इन इलाकों में तीसरे दिन आ रहा पानी
शहर में इन दिनों कई इलाकों में तीसरे दिन पानी दिया जा रहा है। चौड़ा मैदान के बालूगंज, घोड़ाचौकी, चक्कर, टूटीकंडी जबकि सेंट्रल जोन के कैथू में तीसरे दिन पानी दिया जा रहा है। छोटा शिमला जोन के कई इलाकाें में भी तीसरे दिन ही सप्लाई आ रही है। वहीं, संजौली जोन में रोजाना पानी की सप्लाई दी जा रही है। कंपनी का कहना है कि इन दिनों टैंकों की सफाई चल रही है। लेकिन सवाल उठता है कि हर बार इससे मर्ज एरिया के वार्डों की सप्लाई में ही क्यों कट लगता है।