हिमाचल में सरकारी स्कूलों को 25 हजार स्पोर्ट्स ग्रांट देगी केंद्र सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार पहली बार स्पोर्ट्स ग्रांट देने जा रही है। स्कूलों को 5 से 25 हजार की स्पोर्ट्स ग्रांट दी जाएगी। इंडोर और आउटडोर खेलों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनीष गर्ग ने देश के सभी शिक्षा सचिवों को पत्र जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि प्राइमरी स्कूल को 5 हजार, अपर प्राइमरी स्कूल को 10 हजार, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी कोे 25 हजार रुपये ग्रांट दी जाएगी।
स्थानीय और परंपरागत खेलों पर अधिक फोकस करने के लिए केंद्र सरकार ने स्पोर्ट्स ग्रांट देने का फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रालय ने शिक्षा सचिवों को भेजे पत्र में कहा है कि स्पोर्ट्स ग्रांट को खेल के सामान खरीदने पर खर्च किया जा सकेगा।
विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर मिलेगी कंपोजिट ग्रांट
सामान की देखभाल के लिए एक शिक्षक को विशेष तौर पर नियुक्त करना होगा। सरकारी स्कूलों को अब विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर एकमुश्त कंपोजिट ग्रांट मिलेगी। अभी तक सभी स्कूलों को छोटी आवश्यकताओं के लिए एकमुश्त 50 हजार ही मिलते थे।
भले ही वहां विद्यार्थियों की संख्या कम हो या ज्यादा। केंद्र सरकार ने शिक्षा विभाग ने अब इस व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके तहत अगर किसी स्कूल में बच्चों की संख्या कम है तो उसे कम ग्रांट मिलेगी।
एक हजार से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों को एक लाख रुपये की ग्रांट दी जाएगी। कम संख्या वाले स्कूलों को 25 से 75 हजार रुपये की ग्रांट दी जाएगी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक
स्कूलों के लिए एक जैसी कंपोजिट ग्रांट का प्रावधान किया गया है। इस ग्रांट के तहत पानी, बिजली, इंटरनेट, लैब, टीचिंग सामान के लिए और पुराने बिना काम के सामान को रिप्लेस करने के लिए खर्च किया जाएगा।