विधानसभा सत्र: रोहित ठाकुर बोले- सीबीएसई स्कूलों में 128 प्रधानाचार्य तैनात, शिक्षकों की काउंसलिंग लंबित
विधायक हंसराज के सवाल का लिखित जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि स्क्रीनिंग टेस्ट के बाद 128 प्रधानाचार्यों के तैनाती आदेश जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, अन्य श्रेणियों के अध्यापकों की काउंसलिंग का मामला अभी सरकार के विचाराधीन है।
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हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में 128 प्रधानाचार्य तैनात कर दिए गए हैं, अन्य श्रेणी के शिक्षकों की काउंसलिंग लंबित है। विधायक हंसराज के सवाल का लिखित जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि स्क्रीनिंग टेस्ट के बाद 128 प्रधानाचार्यों के तैनाती आदेश जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, अन्य श्रेणियों के अध्यापकों की काउंसलिंग का मामला अभी सरकार के विचाराधीन है। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मार्च 2026 में प्रदेश के 145 सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में तैनाती के लिए सेवारत अध्यापकों का स्क्रीनिंग टेस्ट किया था। परिणाम एक मई को घोषित किया गया। परिणाम घोषित होने के बाद प्रधानाचार्यों की काउंसलिंग पांच और छह मई को निदेशालय में की गई। काउंसलिंग के दौरान दिए गए विकल्प और मेरिट के आधार पर अब तक 128 प्रधानाचार्यों के तैनाती आदेश जारी किए जा चुके हैं।
होम स्टे को फायर एनओसी से छूट, पर्यटन इकाइयों के नियम हुए आसान
सरकार ने पर्यटन इकाइयों के लिए अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए होम स्टे को पूरी तरह छूट दे दी है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में विधायक भुवनेश्वर गौड़ के सवाल का लिखित जवाब देते हुए बताया कि 5 मई 2026 को जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत होटल, गेस्ट हाउस और पुरानी इमारतों में संचालित पर्यटन इकाइयों को राहत दी गई है। सरकार ने भवन की ऊंचाई, फ्लोर एरिया, अग्निशमन पंप और स्टैटिक वाटर स्टोरेज टैंक संबंधी कई शर्तों में ढील दी है। कमियां पाए जाने पर प्रोविजनल फायर एनओसी देने का भी प्रावधान किया गया है। फायर एनओसी की वैधता अवधि दो वर्ष ही रहेगी और इसे स्थायी या दीर्घकालीन बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
तीन साल में 13 हजार से अधिक अवैध खनन मामले, 8.79 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला
हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन वर्षों के दौरान 1 अगस्त 2026 तक अवैध खनन और सामग्री के अवैध परिवहन के 13,082 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में दोषियों से जुर्माने के रूप में 8 करोड़ 79 लाख 25 हजार 770 रुपये की राशि वसूल की गई है। विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का लिखित जवाब देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यह आंकड़े प्रस्तुत किए। कुल दर्ज मामलों में से 10,152 में जुर्माना वसूला जा चुका है। शेष 2,930 मामलों में नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।