सूबे के 29 शिक्षण संस्थानों को केंद्र सरकार का नोटिस, मचा हड़कंप
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केंद्र सरकार ने प्रदेश के 29 शिक्षण संस्थानों को नोटिस जारी किया है। अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षण सर्वेक्षण के लिए निर्धारित समय तक साल 2017-18 का डाटा उपलब्ध नहीं करवाने पर प्रदेश के 29 शिक्षण संस्थानों को केंद्र सरकार ने नोटिस जारी किया है।
प्रदेश के सरकारी डिग्री कॉलेजों, नर्सिंग स्कूलों और निजी शिक्षण संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। निदेशक केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने नोटिस देते हुए इन शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन वर्ग को कड़ी फटकार भी लगाई है।
सचिव शिक्षा को केंद्र सरकार ने इस बाबत पत्र भेजा है। उधर, केंद्र की सख्ती के बाद शुक्रवार को उच्च शिक्षा निदेशक डा. अमरदेव ने सभी संस्थानों को चार मार्च तक डाटा अपलोड करने के आदेश जारी किए हैं।
इन संस्थानों ने नहीं दी जानकारी
अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षण सर्वेक्षण के लिए डिग्री कॉलेज मुल्थान, श्री मां संस्कृत महाविद्यालय ज्वालामुखी, हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म शिमला, डिग्री कॉलेज डैहर, श्री लालबहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज मंडी, वेदव्यास कैंपस, डिग्री कॉलेज जंडौर, जयनगर, चौपाल, तेलका, रोनहाट, ददाहू, पट्टी
पटेल, नारग, ज्यूरी, पबावो, थाची, बसदेहड़ा, काजा, पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा, मां हाटेश्वरी कॉलेज ऑफ नर्सिंग सुंदरनगर, प्रभुदयाल मेमोरियल पॉलीटेक्निक मंडी, कंपोजिट रिजनल सेंटर फार पर्सन विद डिस्एबिलिटी मंडी, प्रेम आश्रम इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्टर ऑफ चैरिटी ऊना, बाबू
जगजीवनराम ट्रस्ट फॉर सोशल डेवलपमेंट ऊना, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला, चेतना एसोसिएशन बिलासपुर, ब्लूमस एजूकेशन सोसाइटी मंडी और आस्था स्पेशल स्कूल नाहन सर्वेक्षण के पोर्टल पर पंजीकरण करवाने को कहा गया है।
डाटा में यह देनी हाेंगी जानकारियां
सर्वेक्षण के तहत उच्च शिक्षा देने वाले सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। इसके तहत हर संस्थान को अपने पास नियुक्त शिक्षकों, विद्यार्थियों की संख्या, विभिन्न उपलब्ध करवाए जा रहे प्रोग्राम, परीक्षा
परिणाम, मूलभूत सुविधाओं, शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात और प्रति विद्यार्थी पर आने वाले खर्च की जानकारी देनी होती है। इसके आधार पर केंद्र सरकार शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए विभिन्न योजनाएं तैयार करती है।