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संयुक्त किसान मंच: एमआईएस के बजट का मामला केंद्र से उठाए प्रदेश सरकार
Sun, 26 Mar 2023 09:34 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 26 Mar 2023 09:34 PM IST
सार
संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने कहा कि इस साल बजट में केंद्र सरकार ने एमआईएस के लिए मात्र एक लाख का प्रावधान किया है।
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संयुक्त किसान मंच।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
केंद्र सरकार मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) को खत्म करने की तैयारी में है। केंद्र सरकार ने एमआईएस के बजट में भारी कटौती की है। संयुक्त किसान मंच ने बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी से यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाने की मांग की है। मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने कहा कि सरकार अगर बागवानों के हित में आगे बढ़ती है तो जरूरत पड़ने पर संयुक्त किसान मंच दिल्ली जाकर धरना देने को भी तैयार है।
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एमआईएस के तहत खरीदी जाने वाली फसल का 50 फीसदी भुगतान केंद्र और 50 फीसदी राज्य सरकार वहन करती हैं। इस साल बजट में केंद्र सरकार ने एमआईएस के लिए मात्र एक लाख का प्रावधान किया है। साफ है कि केंद्र सरकार इसे खत्म करने की तैयारी में है। एमआईएस में सरकार मंडी में किसानों को कम दाम न मिले, इसके लिए उन फसलों की खरीद करती है, जिनको न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं दिया जाता।
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इनमें सेब के अलावा किन्नू, संतरा, आलू और प्याज सहित अन्य फसलें भी शामिल हैं। साल 2022 में हिमाचल सरकार की ओर से एमआईएस के तहत की गई सेब खरीद का अभी भी करीब 90 करोड़ सरकार पर बकाया है।
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अनुदान पर ब्रांडेड दवाएं और क्रेट में सेब बिक्री की मांग
संयुक्त किसान मंच ने बागवानी मंत्री से बागवानों को अनुदान पर ब्रांडेड कंपनियों की दवाएं दोगुनी मात्रा में उपलब्ध करवाने की भी मांग उठाई है। इस साल कम बर्फ पड़ने से बगीचों में बीमारियां फैलने का खतरा अधिक है। इसके अलावा विकल्प के तौर पर मंडियों में क्रेट में सेब बिक्री की सुविधा उपलब्ध करवाने की भी मांग उठाई है।