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Union Budget 2026: हिमाचल के लिए माउंटेन ट्रेल की घोषणा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया एलान

Sun, 01 Feb 2026 03:48 PM IST
अंकेश डोगरा न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 01 Feb 2026 03:48 PM IST
सार

Union Budget 2026: रविवार को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना 9वां बजट पेश किया। हिमाचल को क्या कुछ मिला जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...

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Union Budget 2026: What did Himachal Pradesh get in this year budget
Union Budget 2026 - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। इस बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि हिमाचल प्रदेश में माउंटेन ट्रेल बनेंगे। माउंटेन ट्रेल पहाड़ी या जंगली क्षेत्रों में बने पथ या पगडंडियां होते हैं, जो मुख्य रूप से पैदल यात्रा, माउंटेन बाइकिंग और रोमांचक गतिविधियों के लिए उपयोग किए जाते हैं।
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पर्यटन राज्य के लिए घोषणा अहम रहने वाली है। माउंटेन ट्रेल से हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। लंबे ट्रेकिंग रूट को इसमें शामिल किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश सरकार इस संबंध में प्रस्ताव भेजेगी। इसके बाद केंद्र सरकार से स्वीकृति व बजट मंजूर होगा। बजट आने के बाद चुनिंदा ट्रेक को विकसित किया जाएगा।
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हिमाचल का सबसे लंबा ट्रेक
हिमाचल प्रदेश का सबसे लंबा ट्रेक पिन पार्वती घाटी में है। 110 किलोमीटर लंबा यह ट्रेक मणिकर्ण से शुरू होता है और लाहुल घाटी तक जाता है। इसमें पार्वती दर्रा सबसे ज्यादा खतरनाक है। इसकी ऊंचाई 5400 मीटर तक है।
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धौलाधार रेंज में सबसे ज्यादा ट्रेकिंग रूट
जिला कांगड़ा की धौलाधार रेंज में सबसे ज्यादा 17 ट्रेकिंग रूट हैं। धौलाधार की पहाड़ियों में शाहपुर के धारकंडी से लेकर बड़ा भंगाल तक ट्रेकिंग रूट हैं। इनमें पांच जोखिम भरे, तीन कम जोखिम वाले, जबकि नौ सरल ट्रेकिंग रूट हैं।
 

जिला कांगड़ा के ये आसान ट्रेकिंग रूट
सरल ट्रेकिंग रूट में नड्डी-करेरी वाया रावा एक दिन। सतोवरी घेरा-करेरी एक दिन। बोह-खबरू वाया चंदरेला-दरकुंड एक दिन। इंद्रुनाग-भंगरोटू करथानी-त्रियुंड दो दिन। उतराला-जालसू दो दिन। बिलिंग-राजगुंधा-लोहारड़ी-ज्वारा दो से तीन दिन। सरी पास बीड़-बिलिंग-राजगुंधा एक दिन। खड़ौता-ठठारना एक दिन। नड्डी-गुणा टैंपल एक दिन।

ये हैं जोखिम भरे ट्रेक
वहीं, कम जोखिम भरे ट्रेक रूट में करेरी लेक वाया बलेनी पास मिनकैनी-मैहला चार से पांच दिन। जदरांगल-करडियाणा-भौंट हिमानी चामुंडा दो दिन। गज पास घेरा-बोंठू चार दिन। इसके अलावा जोखिम भरे ट्रेक में टंग नरवाणा-खेतल अलूड-हिमानी चामुंडा बर्ड्स पैराडाइज तीन से चार दिन। जिया सूपधार-तालंग लेक तीन दिन। राजगुंधा-थमसर-बड़ा भंगाल छह से सात दिन। गलू-धर्मकोट-होली-मणिमहेश छह दिन। सेवन लेक धौलाधार रेंज पांच से सात दिन शामिल हैं।

वहीं, 16वें वित्तायोग ने हिमाचल प्रदेश समेत छोटे राज्यों को आरडीजी ग्रांट देने की सिफारिश नहीं की है। इससे हिमाचल प्रदेश को 40 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा। यह ग्रांट बंद होने के बाद हिमाचल प्रदेश समेत सभी छोटे राज्यों के लिए विकट परिस्थिति बन गई है। 15वें वित्तायोग में हिमाचल प्रदेश को 35-40 हजार करोड़ की मदद मिली थी।
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