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Shimla News: दान किए एक कॉर्निया से दो लोगों को मिल सकती है रोशनी

Sat, 05 Sep 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:59 PM IST
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Two people can regain their sight from a single donated cornea.
डीडीयू अस्पताल में जिला प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षु परिचारिकाओं और कर्मचारियों को बताया नेत्र दान का महत्व
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आंखों को जलाएं या दफनाएं नहीं, दान करें
मौत के छह घंटे के भीतर आंखों को कर सकते हैं दान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल परिसर स्थित जिला प्रशिक्षण केंद्र में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से नेत्रदान पखवाड़े का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बताया कि दान किए एक कॉर्निया से दो लोगों की आंखों की रोशनी लौटाई जा सकती है।

प्रशिक्षु परिचारिकाओं और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्रशिक्षुओं और स्टाफ को नेत्रदान का महत्व बताने के साथ इसकी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का विषय आंखों को जलाएं या दफनाएं नहीं, नेत्रदान करें रहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा ने नर्सिंग प्रशिक्षुओं को नेत्रदान जागरूकता अभियान के दूत के रूप में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नेत्रदान को बढ़ावा देने में स्वास्थ्य कर्मी और नर्सिंग स्टाफ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नेत्रदान के इच्छुक व्यक्ति आई बैंक, आईजीएमसी शिमला की हेल्पलाइन नंबर 9459319192 पर संपर्क कर सकते हैं। मृत्यु के छह घंटे के भीतर नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होता है। कॉर्नियल अंधत्व से पीड़ित लोगों की दृष्टि बहाल करने में नेत्रदान की भूमिका अहम है। नर्सिंग प्रशिक्षुओं और स्वास्थ्य कर्मियों को नेत्रदान की प्रक्रिया, पात्रता तथा मृत्यु के बाद परिवार और समाज के अन्य लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। इस दौरान दृष्टि का उपहार अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।
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आंखों को स्वस्थ रखने की दी जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम में आईजीएमसी शिमला की सहायक प्रोफेसर एवं नेत्र विशेषज्ञ डॉ. आरती ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। उन्होंने आंखों को स्वस्थ रखने तथा पर्यावरणीय कारकों से आंखों की सुरक्षा के संबंध में जागरूक किया। उन्होंने मोबाइल फोन, टेबलेट और कंप्यूटर जैसे डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग से आंखों पर पड़ने वाले असर के बारे में जानकारी दी और आंखों के स्वास्थ्य की देखभाल के उपाय भी बताए। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. तहसीन ने नेत्रदान से संबंधित आंकड़े एवं महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
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