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आयुष्मान योजना में बीमारी कवर न होने पर मुख्यमंत्री राहत कोष से ढाई लाख रुपये जारी
Mon, 22 Jul 2019 11:54 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 22 Jul 2019 11:54 AM IST
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आयुष्मान भारत योजना में गुलियन बैरे सिंड्रोम (मांसपेशियों में विकार) बीमारी कवर नहीं है। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में योजना में कुछ बीमारियों का कवर न मिल पाने को लेकर मामला केंद्र को भेजा गया है लेकिन देरी होने से कई मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हाल ही में आईजीएमसी में एक ऐसा मामला सामने आया है।
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बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाले ज्योति प्रकाश बीते दिनों ही मेडिसन वार्ड में दाखिल किए गए। गांव भलाटी, पोस्ट ऑफिस रुहमानी, तहसील थुनाग जिला मंडी के ज्योति प्रकाश को डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें गुलियन बैरे सिंड्रोम बीमारी है। इस बीमारी से उनके शरीर की मांसपेशियाें में विकार आ गया है। हाथ-पैरों ने भी काम करना बंद कर दिया था। डॉक्टरों ने ज्योति प्रकाश का उपचार शुरू किया, लेकिन आयुष्मान भारत योजना में बीमारी कवर नहीं थी।
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इस बारे में आईजीएमसी के एमएस डॉ. जनक राज को अवगत करवाया गया तो मामला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के पास पहुंचा। सीएम ने इलाज में आने वाले खर्चे के वहन के लिए ढाई लाख रुपये राहत कोष से मुहैया कराए गए। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि योजना में बीमारी का कवर भी नहीं था।
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ये हैं बीमारी के लक्षण
रोगी के हाथ पैरों सुन्न होना, सिहरन, अंगुलियों में सुई की चुभन महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसके अलावा कुछ रोगी शरीर में दर्द महसूस करते हैं। इसके बाद हाथ व पैरों में कमजोरी आती है। गर्दन की मांसपेशी भी प्रभावित होती है।