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एमसी के कर्मचारी भी डिफाल्टर, अब 260 का कटेगा बिजली-पानी

Tue, 02 Oct 2018 11:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 02 Oct 2018 11:47 AM IST
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two hundred sixty employees of mc shimla became defaulter

नगर निगम की संपत्तियों का किराया न चुकाने वाले 260 डिफाल्टरों का बिजली-पानी काटने के निर्देश जारी हो गए हैं। किराया न देने वालों में नगर निगम के कई अपने कर्मचारी भी शामिल हैं जो नोटिस के बावजूद किराया देने को तैयार नहीं हुए।

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सोमवार शाम निगम आयुक्त पंकज राय ने किराया न देने वाले डिफाल्टरों की लिस्ट तलब की और इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए। बिजली बोर्ड को इन सभी डिफाल्टरों के बिजली के कनेक्शन काटने की फाइल भेजी जा रही है।
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पानी के कनेक्शन नगर निगम खुद काटेगा। बुधवार से शहर में यह कार्रवाई शुरू होगी। 30 सितंबर तक कुल 455 में से 278 डिफाल्टरों ने किराया जमा नहीं करवाया।

सोमवार को करीब डेढ़ दर्जन डिफाल्टर निगम कार्यालय पहुंचे और किराया जमा करवाया। शाम के समय आयुक्त ने कर शाखा सचिव सुरेश शर्मा से डिफाल्टरों की लिस्ट तलब की और इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए।

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डिफाल्टरों में कई सरकारी महकमे और दुकानदार 

two hundred sixty employees of mc shimla became defaulter

नगर निगम को डिफाल्टरों से पांच करोड़ 71 लाख रुपये वसूलना है। डिफाल्टरों में पर्यटन विभाग, एचपीएमसी, आबकारी विभाग, शहर के कई शराब ठेके और कारोबारी शामिल हैं। इन सबका अब बिजली और पानी कट जाएगा।

यदि कार्रवाई से पहले यह पैसा जमा करवा देते हैं तो कार्रवाई से बच जाएंगे। डिफाल्टरों की सूची में बिजली बोर्ड खुद भी डिफाल्टर है। महकमे से एक करोड़ से अधिक की किराया राशि निगम को वसूलनी है।

नगर निगम ने बोर्ड को इस बारे में नोटिस जारी किया था। लेकिन पैसा जमा नहीं हुआ। नगर निगम को भी बिजली बोर्ड के लाखों रुपये देने हैं। अब दोनों महकमों में तय हुआ है कि निगम की देनदारी इसी किराये से काटी जाए।

कर्मचारियों के परिजन भी नहीं दे रहे हैं किराया 

two hundred sixty employees of mc shimla became defaulter

 नोटिस के बावजूद किराया न चुकाने वालों में नगर निगम के अपने कर्मचारी भी शामिल हैं। अफसरों के पास तैनात यह कर्मचारी अहम पदों पर तैनात हैं लेकिन नोटिस का इन पर कोई असर नहीं हुआ।

इनमें एक कर्मचारी संयुक्त आयुक्त कार्यालय में तैनात हैं। इसकी मेफील्ड के पास दुकान हैं जिसका करीब एक लाख रुपये किराया निगम के खाते में जमा होना है। 

यह दुकान पहले कर्मचारी के पिता के नाम थी जो अब कर्मचारी की पत्नी के नाम से दर्ज है। इसके अलावा एपी शाखा में तैनात एक कर्मचारी को भी किराये के करीब ढाई लाख रुपये जमा कराने हैं।

इस कर्मचारी की समरहिल में दुकान है। यह दुकान कर्मचारी की मां के नाम है। नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने कहा कि सभी डिफाल्टरों पर कार्रवाई होगी। फिर चाहे कारोबारी हो या एमसी के अपने कर्मचारी।

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