सऊदी अरब में फंसे तीन हिमाचली छुड़ाए, अन्य 10 युवक भी सुरक्षित
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सऊदी अरब में फंसे 13 हिमाचलियों समेत 14 भारतीयों में से मंडी के तीन युवकों को छुड़ा लिया गया है। पंजाब के एक युवक को पहले ही छोड़ दिया गया है। शेष 10 युवक भी सुरक्षित हैं।
केंद्र ने मंडी के तनुज कुमार और देवेंद्र कुमार को प्रायोजकों की ओर से छुड़ाने की सूचना हिमाचल सरकार को दी है। मंडी के श्यामलाल को भी प्रायोजकों द्वारा छुड़ाकर ले जाने की सूचना परिजनों को फोन पर मिली है।
विदेश मंत्रालय (खाड़ी) के निदेशक आरवी प्रसाद ने मंगलवार को हिमाचल सरकार को सूचना दी कि मंडी के दो युवकों को उनके प्रायोजकों ने छुड़ा लिया है। दूतावास के एक वरिष्ठ अधिकारी से उनकी बात हो गई है।
भारतीय दूतावास ने सूचित किया है कि शेष सभी लोगों को रियाद प्रत्यर्पण केंद्र में रखा गया है। दूतावास की सूचना के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि ये नागरिक नियमों की अवहेलना कर सऊदी अरब पहुंचे थे। रियाद में फंसे इन लोगों मेें से पंजाब के ओंकार चंद को पहले ही भारत भेज दिया गया है।
सीएम ने विदेशी मंत्री से उठाया मामला
इसके बाद दूतावास के अधिकारी दो दिसंबर को दूसरे भारतीय नागरिकों से भी मिले। उन्होंने उनके सुरक्षित होने की सूचना दी है। रियाद में भारतीय दूतावास के अधिकारी भी प्रत्यर्पण केंद्र के संबंधित अधिकारियों से मिले हैं और भारतीय नागरिकों को शीघ्र भारत भेजने की मांग की गई है।
दूतावास ने हरसंभव सहायता देने और उनके भारत सुरक्षित लौटने की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। बता दें कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भारतीय नागरिकों की रिहाई का मामला निजी तौर पर सऊदी अरब के अधिकारियों से उठाने का आग्रह किया था।
मंडी के हरविंद्र ने पत्नी से की फोन पर बात
प्रत्यर्पण केंद्र में बंद मंडी के हरविंद्र सिंह ने मंगलवार दोपहर फोन पर पत्नी सरोज को बताया कि उनके आयोजक दो लोगों को छुड़ाने के बाद अब श्याम लाल निवासी डडोह, बल्ह (मंडी) को अपने साथ ले गए हैं। उन्हें फिर से बंधुआ मजदूर बनाने का डर है। वह अब उसके साथ नहीं जाना चाहते।
सभी लोग स्वदेश लौटना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मालिक बार-बार जेल पहुंच कर धमका रहा है। सरोज ने आरोप लगाए कि सुंदरनगर पुलिस ने अभी तक शिकायतकर्ता परिजनों के बयान दर्ज नहीं किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग की है।