दुनिया के सबसे ऊंचे गांव से गुजरेंगे 40 साइकिल सवार
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साइकिल रैली के जरिये स्पीति घाटी में पर्यटन कारोबार को बढ़ाया जाएगा। घाटी के युवा स्पीति ऑन व्हील्स नाम से सस्टेनेबल इको फ्रेंडली टूरिज्म को बढ़ावा देने लिए 16000 फीट ऊंचाई पर साइकिल रैली करवा रहे हैं।
इस दौरान रैली में भाग लेने वाले प्रतिभागी दुनिया के सबसे ऊंचाई पर बसे कौमिक गांव को भी पार करेंगे। तीन दिवसीय साइकिल रैली में देश के करीब 40 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। माना जा रहा है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपनी तरह की यह पहली साइकिल रैली है।
यह 20 सितंबर को लरी गांव से शुरू होगी और 22 सितंबर को डंखर गांव में इसका समापन होगा। समुद्रतल से 14 हजार फीट ऊंचाई पर प्रतिभागी पहले चरण में 4 घंटे में करीब 35 किमी सफर करेंगे।
दूसरे चरण में डंखर से डेमूल तक 36 किमी का फासला तय करेंगे। इस दौरान समुद्र तल से 15 हजार फीट ऊंचाई पर सफर करेंगे। रैली के तीसरे और अंतिम चरण में प्रतिभागी दुनिया के सबसे ऊंचे कौमिक गांव से गुजरेंगे।
तीसरा चरण डेमूल से शुरू होगा और लंगजा गांव में समापन होगा। इस दौरान प्रतिभागियों को 16 हजार फीट की ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन की चुनौती का सामना करना होगा। वे 25 किमी का रास्ता नापेंगे।
रैली के साथ मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी। थकचेन यूथ क्लब ताबो के प्रधान सुरेश बौद्ध और महासचिव फुंचोग छेरिंग ने बताया कि तीनों चरण के दौरान पर्यावरण असंतुलन, सस्टेनेबल इको टूरिज्म, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और पारंपरिक पोटरी के संदर्भ में सेमीनार भी लगाया जाएगा।
क्लाइमेट प्रोजेक्ट फाउंडेशन, थकचेन स्पोर्ट्स एंड कल्चरल क्लब ताबो और यलो पीक हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट का भी सहयोग रहेगा। उधर, काजा के एसडीएम एवं पर्यटन अधिकारी का कार्यभार देख रहे जीवन नेगी कहा कि युवाओं की पहल सराहनीय है।