फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   two Buddhist institutions got Funds found from china in Dharamshala

धर्मशाला के दो बौद्ध संस्थानों को चीन से मिला फंड, ऐसे हुआ खुलासा

Tue, 23 Jul 2019 04:31 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 23 Jul 2019 04:31 AM IST
विज्ञापन
two Buddhist institutions got Funds found from china in Dharamshala
- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल की दो बौद्ध संस्थाओं को पिछले तीन महीनों में चीन से भी फंड मिला है। धर्मशाला में धर्मगुरु दलाईलामा के आवास के निकटवर्ती क्षेत्रों में स्थापित प्रतिष्ठानों में शैक्षणिक गतिविधियों को संचालित करने के लिए इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में चीन से लाखों रुपये का फंड आया है।

विज्ञापन


यह चीन के अलग-अलग शहरों से कई लोगों ने भेजा है। चीन से मदद लेने वाली ये संस्थाएं पालपंग मुनीशासन धर्मचक्र संघ और डोंग्यू ग्यात्सल लिंग ट्रस्ट हैं। अप्रैल से जून 2019 के बीच पालपंग मुनीशासन धर्मचक्र संघ को 5 करोड़ 36 लाख रुपये की आर्थिक मदद आई है।
विज्ञापन


यह प्रदेश की बौद्ध अथवा तिब्बती संस्थाओं को मिले सहयोग में से सबसे ज्यादा है। इस संस्था को विभिन्न देशों के 860 मददगारों ने आर्थिक सहायता भेजी है।

इनमें चीन मूल के कई मददगार भी शामिल हैं। दूसरी संस्था डोंग्यू गात्सल लिंग ट्रस्ट को विभिन्न देशों से 40 लाख 12 हजार रुपये की मदद आई है। हालांकि, चीन से इसे नाममात्र की मदद आई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

संस्थाओं ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी जानकारी 

दोनों संस्थाओं ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को फोरलेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए) के तहत यह जानकारी दी है। यह फंड चीन के बीजिंग, हवा-दियान जिलिन, शूई पो कोवलून, होंगबोली हेग्जी तियानजिन, हेंग जोऊ येउन लोेंग, हेंगजोऊ, शांगडोंग, होंग शांग वुहान, गुवांगडोंग, हेईलोंग, एवेन्यू क्वीन एनवाई चाइना, हेंगजोऊ झेजियांग, शेन यांग, डोंगगुआन आदि शहरों या स्थानों से आया है। 

इन संस्थाओं को भी मिली करोड़ों रुपये की मदद 
कांगड़ा जिला या धर्मशाला की लाइब्रेरी ऑफ तिब्बतन वर्क्स एंड आरकाइव्स को 29 लाख 51 हजार, तिब्बतेल डेलेक अस्पताल को 56 लाख 28 हजार, तिब्बतेन मेडिकल इंस्टीट्यूट को 8 लाख 38 हजार, न्यिनगमापा बुद्धिस्ट चेरिटेबल इंस्टीट्यूट को 41 लाख 89 हजार, नेचंग मोनास्ट्री को 54 लाख 32 हजार और इंटीट्यूट ऑफ बुद्धिस्ट डायलेक्टिक्स को 66 लाख 87 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिली है। कुल्लू की दागपो शेद्रुप लिंग मोनास्टिक कल्चरल सोसाइटी को 72 लाख 98 हजार रुपये की विदेशी मदद मिली है।

बौद्ध संस्थाओं को 33 से ज्यादा देशों से मिला फंड 
यूएसए, यूके, जर्मनी, इटली, कनाडा, आस्ट्रेलिया, ईरान, फिनलैंड, सिंगापुर, ताईवान, बेल्जियम, मलेशिया, इंडोनेशिया, स्पेन, फ्रांस, रोमानिया, मैक्सिको, स्विट्जरलैंड, आयरलैंड, न्यूजीलैंड, पेरू, नीदरलैंड, पोलैंड, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, हांगकांग, रूस, स्वीडन, डेनमार्क, वेनेजुएला, इजराइल, स्लोवाकिया, चिली आदि से बौद्ध संस्थाओं को फंड मिला है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed