भारत-पाक मैच शिफ्ट करने को राजनीतिक रंग दे रहे अनुराग: वीरभद्र
- कहा, मैच होता तो हिमाचल सरकार की होती सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी
- शहीद कैप्टन विक्रम बतरा के पिता बोले, मैच शिफ्ट करने का फैसला सही
- मैच शिफ्ट होने से मिला सुकून: विजय सिंह मनकोटिया
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि भारत-पाक मैच को शिफ्ट करने के मसले को अनुराग ठाकुर ही राजनीतिक रंग दे रहे हैं। अनुराग इस मामले को सनसनीखेज बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर वे राजनीति कर रहे हैं तो इसका जवाब भी राजनीति से ही दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि सौरभ कालिया, विक्रम बत्रा जैसे कई हिमाचली शहीदों ने पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई में अपनी शहादत दी है।
उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के विरोध पर ही राज्य सरकार ने अपनी बात रखी है। कांग्रेस का इस मामले में कोई भी अंदरूनी राजनीतिक मतभेद नहीं रहा है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि इस बारे में कुछ लोग गलत बातें कर रहे हैं। उन्हें लोगों के सम्मान की चिंता है। पूर्व सैनिकों की चिंता है और खेलों की भी चिंता भी है।
सीएम बोले, कांग्रेस ने इस मसले पर नहीं की कोई राजनीति
सीएम ने विधानसभा परिसर में वीरवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस मामले में कांग्रेस में अंदरखाते कोई राजनीतिक मतभेद नहीं रहा है। कांग्रेस ने इस मसले पर कोई राजनीति नहीं की है। आज अगर पाकिस्तान के साथ भी मैच होता तो खिलाड़ियों की व्यक्तिगत सुरक्षा की जिम्मेवारी हिमाचल सरकार की होती।
हिमाचल सरकार के अधिकारियों ने तो नई दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के ध्यान में भी इस मसले को लाया था कि जहां तक खिलाड़ियों की व्यक्तिगत सुरक्षा की बात है तो हिमाचल सरकार इसे देगी, लेकिन बाहर शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों ने अगर विरोध-प्रदर्शन किए तो उन पर लाठीचार्ज नहीं होगा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बोले कि इस मामले किसी भी तरह की अंदरूनी राजनीति पर कांग्रेस के भीतर नहीं है।
भारत-पाक मैच शिफ्ट करने का फैसला सही: बतरा
पालमपुर (कांगड़ा)। धर्मशाला में प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के कोलकाता बदले जाने के आईसीसी के फैसले को पालमपुर के शहीदों के परिजन सही बता रहे हैं। कारगिल युद्ध के प्रथम शहीद सौरभ कालिया के पिता डॉ. एनके कालिया का कहना है कि धर्मशाला स्टेडियम से करीब 100 मीटर दूर शहीद स्मारक है।
इसके नजदीक पाकिस्तान का झंडा फहराया जाता तो शहीदों के परिजनों की भावनाएं आहत होतीं। कारगिल युद्ध के परमवीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन विक्रम बतरा के पिता जीएल बतरा ने कहा कि धर्मशाला में मैच न होने से प्रदेश के लोगों और शहीदों के परिजनों की भावनाएं आहत होने से बच गईं हैं।
सरकार और आईसीसी ने मैच शिफ्ट करने का जो फैसला लिया है, वह सही है। कारगिल युद्ध में अशोक चक्र विजेता मेजर सुधीर वालिया बनूरी (पालमपुर) के पिता रुलिया राम का कहना है कि शहीदों और पूर्व सैनिकों की भावनाओं को देखते हुए आईसीसी का मैच शिफ्ट करने का फैसला सही है।
मैच शिफ्ट होने से मिला सुकून: मनकोटिया
शाहपुर (कांगड़ा)। इंडियन एक्स सर्विस लीग की राज्यस्तरीय एग्जिक्यूटिव बैठक शाहपुर में लीग अध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया की अध्यक्षता में हुई। मनकोटिया ने पूव सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच शिफ्ट होने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन इसकी वजह से शहीदों के परिवारों, उनके रिश्तेदारों, भूतपूर्व सैनिकों को काफी हद तक सुकून मिला है।
आईसीसी के मुख़्य कार्यकारी अधिकारी डेव रिचर्डसन के बारे में कहा कि उन्होंने बड़ी समझ बूझ के कारण मैच को शिफ्ट किया। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की तारीफ की। कहा कि उन्होंने पूर्व सैनिकों पर लाठीचार्ज न करने का एलान कर पूर्व सैनिकों का दिल जीत लिया है। बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर पर हमला बोलते हुए कहा कि अनुराग दोहरी मानसिकता वाले हैं।
कर्नल आरएस कार्की ने कहा कि धर्मशाला के पूर्व विधायक किशन कपूर व मौजूदा विधायक सुधीर शर्मा की ओर से इस मामले को लेकर कोई वक्तव्य न देना भी दुखद है। लीग के वरिष्ठ उप प्रधान ग्रुप कप्तान भूपिंदर सिंह चौहान, उप प्रधान किशोर चंद ठाकुर, कर्नल बाईएस राणा कर्नल आरएस कार्की, कर्नल मंडयाल, पालमपुर सैनिक लीग के अध्यक्ष सीडी सिंह गुलेरिया, कुलदीप राणा आदि मौजूद रहे।
भारत-पाक मैच के कोलकाता शिफ्ट होने के विरोध में प्रदर्शन
हमीरपुर। भारत-पाक मैच के धर्मशाला से कोलकाता शिफ्ट होने पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मृदुल चौक हमीरपुर में धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसमें राष्ट्र स्तर के खिलाड़ियों, युवाओं और विभिन्न संगठनों के लोगों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
इस मौके पर पंजाब प्रांत के प्रभारी नरेंद्र अत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने अहम के कारण शांत प्रदेश को असुरक्षित घोषित कर दिया। शहीदों की शहादत की आड़ में खेलों पर जो गंदी राजनीति वीरभद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस सरकार ने की है, उससे प्रदेश को आर्थिक रूप से करोड़ों का नुकसान हुआ है। साथ ही, प्रदेश की छवि को भी धूमिल किया है।
एक तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिल्ली के जेएनयू में देश के टुकड़े करने वाले और आतंकवादियों को शहीद करार देने वालों के साथ खड़े हैं। दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस शहीदों की शहादत का झूठा ढिंढोरा पीट कर मैच का विरोध कर रही है। कांग्रेस का यह दोतरफा रवैया देश और प्रदेश के लिए घातक है। एचपीसीए और अनुराग ठाकुर को लेकर प्रदेश मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का रवैया उसी समय जनता के सामने आ गया था, जब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रात के अंधेरे में एचपीसीए स्टेडियम पर कब्जा किया था।
फिर कोर्ट से फटकार लगने के बाद कब्जा हटाया। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता गुरदीप दुबे, राजीव शर्मा, नीरज शर्मा, अनिल परमार, नरेश कुमार, रजनीश कुमार, विक्रांत ठाकुर, विकास ठाकुर, अविनाश ठाकुर, अंकित कुमार, प्रिंस ठाकुर, सुनील शर्मा, अजय शर्मा, सुनील, कमलेश वर्मा, सुभाष ठाकुर, सुमित वर्मा, रमेश चंद, मनोज कुमार, सुरेश कुमार, विनोद शर्मा आदि मौजूद रहे।