{"_id":"58dba7844f1c1bf64c63dd93","slug":"tug-of-war-between-cm-virbhadra-singh-and-prem-kumar-dhumal","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्रीय मदद पर आमने-सामने हुए सीएम वीरभद्र और धूमल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्रीय मदद पर आमने-सामने हुए सीएम वीरभद्र और धूमल
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Updated Thu, 30 Mar 2017 09:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र से वित्तीय मदद पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल आमने-सामने हो गए। दरअसल, भाजपा विधायक रविंद्र रवि ने मुख्यमंत्री से केंद्र से मिलने वाली वित्तीय मदद पर प्रश्न किया था। इस पर सीएम बोले- जब प्लानिंग आयोग था, हिमाचल को पैसा मिल रहा था, लेकिन जब से नीति आयोग आया है, हिमाचल की वित्तीय मदद रुकी है। हिमाचल को 14वें वित्तायोग में पैसा मिल रहा है।
विज्ञापन
हस्तक्षेप करते हुए नेता प्रतिपक्ष धूमल ने कहा कि अगर एक हेड में पैसा कम आ रहा है तो दूसरे हेड में केंद्र ज्यादा पैसा दे रहा है। मुख्यमंत्री सदन में गलत प्रचार कर रहे हैं। इस पर सीएम बोले- केंद्र से मिलने वाली वित्तीय मदद से जब सरकार का गुजारा नहीं चलता तो तय नियमों में विभिन्न संस्थाओं से विकास कार्यों के लिए ऋण लिया जाता है। केंद्र से सामान्य केंद्रीय सहायता में जनवरी 2013 से 31 मार्च 2013 तक 224.37 करोड़, वर्ष 2013-14 में 1458.97 करोड़ 2014-15 में 1382.72 करोड़ मिले हैं।
विज्ञापन
विशेष योजना/केंद्रीय सहायता में जनवरी 2013 से 31 मार्च, 2013 तक 392.37 करोड़, 2013-14 में 1450.00 करोड़, 2014-15 में 1350.00 करोड़ मिले हैं। वित्तायोगों की सिफारिशों से जनवरी 2013 से 31 मार्च 2013 तक हिमाचल को 541.05 करोड़ मिले। 2013-14 में 1887.47 करोड़, 2014-15 में 1108.87 करोड़, 2015-16 के दौरान 8436.15 करोड़। मौजूदा वित्त वर्ष में 15 फरवरी 2017 तक 8109.97 करोड़ मिले हैं।
विज्ञापन
विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं में केंद्रीय सहायता से जनवरी 2013 से मार्च 2013 में 371.35 करोड़, 2013-14 में 990.34 करोड़, 2014-15 में 2209.92 करोड़, 2015-16 में 2326.40 करोड़ और मौजूदा वित्त वर्ष में 15 फरवरी, 2017 तक 2871.65 करोड़ मिले हैं। इसके अलावा विभिन्न वित्त एजेंसियों (एक्सटर्नल फंडिंग एजेंसी, नाबार्ड और एनसीडीसी) से भी धनराशि मिली है।
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से ऋण के तौर पर जनवरी, 2013 से 31 मार्च, 2013 तक 8.61 करोड,़ 2013-14 में 28.99 करोड़, 2015-16 में 44.29 करोड़, 2015-16 में 37.11 करोड़ मिले हैं। रविंद्र रवि ने प्रश्न किया कि सत्ता पक्ष के उन आरोपों में दम नहीं है, जिसमें केंद्र से उदार वित्तीय मदद न मिलने की बात कही गई है। गुलाब सिंह ने कहा कि केंद्र से करोड़ों और अरबों की वित्तीय मदद मिल रही है। इसका विवरण सरकार को देना चाहिए।