फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   tug of war between BJP and Congress over HIMCOFED

हिमकोफेड निदेशक मंडल पर भाजपा-कांग्रेस के बीच घमासान

Sun, 25 Mar 2018 12:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Sun, 25 Mar 2018 12:46 PM IST
विज्ञापन
tug of war between BJP and Congress over HIMCOFED

हिमकोफेड के निदेशक मंडल को लेकर भाजपा और कांग्रेस में घमासान मच गया है। यह जिला सहकारी फेडरेशन शिमला के मनोनीत अध्यक्ष को हिमकोफेड निदेशक मंडल (बीओडी) में शामिल नहीं करने के बाद शुरू मचा है। बीओडी में कांग्रेस पृष्ठभूमि वाले निदेशकों का वर्चस्व है, जो चेयरमैन बीएस ठाकुर के गृह जिले से दूसरा निदेशक नहीं बनना देना चाहते।

विज्ञापन


इसके बाद मामला मुख्यमंत्री के दरबार पहुंच गया है। सीएम जयराम ठाकुर के समक्ष जिला सहकारी फेडरेशन शिमला से जुडे़ भाजपाइयों ने आरोप लगाया है कि हिमकोफेड में कांग्रेसी कल्चर है, इसीलिए इसमें भाजपा से जुडे़ लोगों को प्रवेश से रोका जा रहा है। हिमाचल में जब कांग्रेस सरकार थी तो शिमला जिले से निदेशक के पद पर बीएस ठाकुर चुनकर गए। नियम ये है कि जिस जिले में जिला सहकारी फेडरेशन नहीं है, वहां सीधे चुनाव होंगे।
विज्ञापन


भाजपा की सरकार सत्ता में आने के करीब दो महीने के बाद भाजपा से जुड़ लोगों ने जिला सहकारी फेडरेशन बनाकर इसके अध्यक्ष पद पर हिम प्रोसेस के पूर्व अध्यक्ष नरेश चौहान को मनोनीत किया। नरेश का नाम अध्यक्ष की हैसियत से हिमकोफेड के निदेशक मंडल के लिए भेजा गया तो इसे स्वीकार्यता नहीं दी गई। चौहान की अध्यक्षता में जिला सहकारी फेडरेशन शिमला का एक प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों सीएम से भी मिला।

विज्ञापन
विज्ञापन

कांगड़ा सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद के लिए भी हो चुका घमासान

tug of war between BJP and Congress over HIMCOFED

सीएम से शिकायत की कि हिमकोफेड में कांग्रेस विचारधारा से जुडे़ कुछ लोग सहकारी सभाओं को प्रोत्साहित करने के बजाय इन्हें हतोत्साहित कर रहे हैं। भाजपा की विचारधारा से जुडे़ लोगों को इसमें जाने से रोका जा रहा है। वे मामले में हस्तक्षेप करें। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने ये मामला छानबीन को पंजीयक सहकारी सभाएं को भेज दिया है।

पंजीयक सहकारी सभाएं डा. आरएन बत्ता ने कहा कि अभी मामला उनके पास पहुंचा नहीं है। वे इसके पहुंचने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। उधर, जिला सहकारी फेडरेशन शिमला के सचिव गोपाल झिल्टा ने कहा कि हिमकोफेड की मनमानी के खिलाफ पंजीयक सहकारी सभाएं के पास अपील होगी। 

इसी तरह का घमासान कांगड़ा सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद के लिए भी हो चुका है। पिछले दिनों चला ये घमासान ठंडा हुआ है तो अब ये नया विवाद खड़ा हो गया है। सार्वजनिक क्षेत्र का स्वायत्त उपक्रम हिमकोफेड सहकारी सभाओं से जुडे़ प्रशिक्षण और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन करता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed