शिमला: बुधवार से दो घंटे की हड़ताल पर रहेंगे परिवहन तकनीकी कर्मचारी, पीसमील वर्करों के समर्थन में आए
तकनीकी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव पूर्ण चंद ने बताया कि पीसमील कर्मचारी पिछले 14 दिनों से हड़ताल पर है। वर्कशॉप में तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी है। रिक्त पदों के न भरे जाने से तकनीकी कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
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एचआरटीसी पीसमील वर्करों की हड़ताल के बाद बुधवार से वर्कशाप में बसों की मरम्मत कार्य देख रहे तकनीकी कर्मचारी भी पीसमील के समर्थन पर हड़ताल पर जा रहे हैं। यह 15 दिसंबर से दोपहर बाद 2 बजे से शाम 4 बजे तक टूल डाउन स्ट्राइक करेंगे। यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक की प्रबंधन की ओर से इस बारे में कोई निर्णय ले नहीं लिया जाता है। 15 दिन से पीसमील वर्कर हड़ताल पर है। पीसमील कर्मियों के हड़ताल पर जाने से परिवहन निगम की वर्कशाप में 500 बसें अभी भी मरम्मत के कारण खड़ी है। वर्कशॉप में तैनात तकनीकी कर्मचारियों पर भी काम का अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। बसें खड़ी रहने से रूट तक प्रभावित होने लगे हैं।
तकनीकी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव पूर्ण चंद ने बताया कि पीसमील कर्मचारी पिछले 14 दिनों से हड़ताल पर है। वर्कशॉप में तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी है। रिक्त पदों के न भरे जाने से तकनीकी कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। हिमाचल के प्रति वर्कशॉप में दिनभर 10 से 20 बसें मरम्मत के लिए आती है। कर्मचारियों की कमी के चलते काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से पीसमील कर्मचारियों की मांग पर जल्द विचार करने की मांग की है। अगर हड़ताल खत्म नहीं होती है तो स्थिति और भी खराब हो जाएगी। बसें वर्कशाप में खड़ी रहने से रूट प्रभावित होगी। इसकी सीधी मार जनता पर पड़ेगी।