कांगड़ा को बांटने के खिलाफ अब बाली उठाएंगे ये कदम
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परिवहन एवं खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री जीएस बाली कांगड़ा को बांटने के खिलाफ हाईकमान जाएंगे। बाली ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की ओर से नए संगठनात्मक जिले बनाने पर सवाल उठा दिए हैं। धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान तल्ख अंदाज में बाली ने कहा कि कांगड़ा को तोड़ने की कोई चर्चा नहीं होगी। संगठन में क्या करना है, यह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का कार्यक्षेत्र है। मेरा व्यक्तिगत तौर पर स्पष्ट मत है कि कांग्रेस मजबूत हो मगर कांगड़ा को तोड़कर ऐसा नहीं होगा।
कांगड़ा को तोड़ने से बेहतर है कि संगठनात्मक जिलों को जोन का नाम दे दिया जाए। इससे जिला एक ही रहेगा। जिले के चुनाव भी एक ही होंगे। जोन एक, दो, तीन या चार बोलने कोई हर्ज नहीं है। जिला कांग्रेस कमेटी, एनएसयूआई और युवा कांग्रेस एकमत से कांगड़ा को तोड़ने के खिलाफ हैं।
इस तरह का फैसला लेने से पहले इस पर चर्चा होनी चाहिए। ऐसे फैसलों पर सर्वसम्मति होनी चाहिए। हम अपना पक्ष हाईकमान के पास लेकर जाएंगे। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी मिलेंगे। अपना पक्ष रखने के लिए कांगड़ा से बड़ा प्रतिनिधिमंडल हाईकमान से मिलने जाएगा।
वैट पर आलोचना बंद हो
हर बार कांगड़ा ही क्यों, बाकी अन्य जिलों को तोड़ने की बात क्यों नहीं होती। अगर हाईकमान के पास जाकर भी बात नहीं बनी तो एक कदम और आगे जाएंगे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का 4 दिसंबर को पुलिस मैदान धर्मशाला में भव्य स्वागत किया जाएगा। शीतकालीन सत्र कांगड़ा के लिए महत्वपूर्ण है। मेरा व्यक्तिगत मत है कि शीत सत्र की सिटिंग बढ़ती रहनी चाहिए। इस बार शीतकालीन सत्र में महत्वपूर्ण मुद्दे रहेंगे।
विधानसभा सत्र से जेएनयूआरएम के तहत नई बसें लांच की जाएंगी। केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण जल्द होना चाहिए। इसमें और विलंब नहीं होना चाहिए। डीजल पर वैट बढ़ाने को लेकर बाली ने कहा कि आलोचना बंद कर अब वित्तीय स्थिति देखनी चाहिए। खर्चों में कटौती के लिए बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट तीन हफ्ते में सौंप दी जाएगी। प्रदेश में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के प्रति सरकार गंभीर है। परिवहन नीति के लिए जनता से सुझाव मांगे गए थे। अगर अब भी जनता की ओर से सुझाव आएंगे तो उन पर अमल किया जाएगा।