कालका-शिमला ट्रैक पर इतने दिन बाद चलेगा पारदर्शी कोच, वादियां निहार सकेंगे पर्यटक
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विंटर टूरिस्ट सीजन के दौरान रेल मार्ग से शिमला आने वाले सैलानी रेलवे के अत्याधुनिक विस्ताडोम में बर्फ से ढकी वादियों का आनंद ले सकेंगे। रेलवे दस दिन के भीतर कालका शिमला हैरिटेज रेलवे ट्रैक पर कांच के शीशों वाला विस्ताडोम चलाना शुरू कर देगा। इस वातानुकूलित कोच का प्रति सीट संभावित किराया 500 रुपये से अधिक होगा। हालांकि रेलवे की ओर से किराये की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
शनिवार को विस्ताडोम में मीडिया कर्मियों को लेकर कालका से शिमला पहुंचे रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि विस्ताडोम को नियमित तौर पर कालका-शिमला के बीच चलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। देश भर के लोग इस स्पेशल कोच को देख सके इसके लिए मीडिया कर्मियों को इस कोच में शिमला लाया गया है। सुबह 11 बजे कोच कालका से शिमला की ओर रवाना हुआ।
रास्ते में बड़ोग, धर्मपुर, गुम्मन, कनोह ब्रिज में रुकते हुए सवा छह बजे कोच शिमला पहुंचा। विस्ताडोम के साथ रेलवे का स्पेशल कोच झरोखा भी शिमला पहुंचा। करीब दस लाख की लागत से तैयार किए गए इस कोच में बड़ी खिड़कियां लगाई गई हैं। कोच की छत भी मोटे कांच की है।
कोच के पीछे भी कांच लगा है जिससे सैलानी प्राकृतिक सौंदर्य का और भी अधिक आनंद ले सकते हैं। 36 सीटर कोच में अभी शौचालय की सुविधा नहीं है लेकिन रेल अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में बनने वाले अन्य विस्ताडोम में यह सुविधा भी जोड़ी जाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल के निर्देशों पर कालका-शिमला हैरिटेज ट्रैक पर संचालन के लिए विस्ताडोम तैयार किया गया है।