कर्मचारियों को झटका, अब शिकायत पर भी होंगे तबादले
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हिमाचल के करीब तीन लाख कर्मचारियों को झटका देने की तैयारी है। सरकार 2013 में बने तबादला नियमों में संशोधन कर रही है। अब शिकायत पर भी कर्मचारियों का तबादला हो सकेगा। पहले शिकायत की जांच की जाएगी, सत्यता पाई गई तो तबादला तय है। मंत्रिमंडल ने तबादला नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है।
सरकार ने कर्मचारियों के तबादला नियम 2013 में बनाए थे। नियमों में शिकायत के आधार पर तबादले का प्रावधान नहीं है। अब नियमों में संशोधन कर ये प्रावधान किया जा रहा है कि अगर कर्मचारी की कोई शिकायत आती है तो उस पर विभागीय जांच बैठाई जाएगी।
जांच में शिकायत सही पाई गई तो संबंधित कर्मचारी का तबादला कर दिया जाएगा। रूटीन स्थानांतरण में निशक्त कर्मचारियों के तबादलों पर नरमी बरती जाएगी। ऐसे कर्मियों के खिलाफ शिकायत पर जांच में मानवीय ग्राउंड को देखा जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (कार्मिक) एसकेबीएस नेगी ने इसकी पुष्टि की है।
वहीं, इन शिक्षकों की बढ़ी मुश्किलें
उधर, हिमाचल में कंप्यूटर शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस महीने सरकार और कंपनी के बीच हुआ करार खत्म होने जा रहा है। हिमाचल के सरकारी स्कूलों में 1500 के करीब कंप्यूटर शिक्षक हैं जो कंपनी के जरिये स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने इन शिक्षकों के लिए पॉलिसी की बात कही थी, लेकिन अब तक इन शिक्षकों के लिए पॉलिसी नहीं बनी है।
कंप्यूटर शिक्षक महासंघ ने चेतावनी है कि अगर सरकार फिर से कंप्यूटर शिक्षा को ठेके पर देती है तो प्रदेश में धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। कक्षाओं का बहिष्कार किया जाएगा। हिमाचल के सरकारी स्कूलों में छठी से से 12 वीं कक्षा तक कंप्यूटर पढ़ाया जा रहा है। कंपनी के जरिये स्कूल में दो दो शिक्षकों की तैनाती की गई है। इनके अलावा सरकार ने कई स्कूलों में कमीशन पर कंप्यूटर शिक्षकों की तैनाती की है।
आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार शिक्षक
कंप्यूटर शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष रोशन मेहता ने बताया कि प्रदेश सरकार फिर से कंप्यूटर शिक्षा को ठेके पर दे ही है। कंपनी के साथ सरकार लगातार बात कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार कंप्यूटर शिक्षा ठेके पर देती है तो प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। शिक्षक बहिष्कार कर सड़क पर उतरेंगे। एसीएस शिक्षा पीसी धीमान का कहना है कि कंप्यूटर शिक्षक के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम बनाए गए हैं। कंपनी के तहत रखे गए शिक्षकों को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में प्रायोरिटी दी जाएगी।