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शिमला की सैर होगी महंगी, चुकाना पड़ेगा ये टैक्स

Sat, 06 Sep 2014 08:35 AM IST
Updated Sat, 06 Sep 2014 08:35 AM IST
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tourist have to pay green tax in shimla.

राजधानी में एक बार फिर ग्रीन टैक्स को हरी झंडी कभी भी मिल सकती है। ग्रीन टैक्स पर नेशनल हाईवे की आपत्ति को दूर करने के लिए नगर निगम ने रिवाइज ड्राइंग तैयार कर ली है। बाकायदा इस ड्राइंग को नगर निगम ने लोक निर्माण विभाग (एनएच) को भेज दिया है।

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यहां से हरी झंडी मिलते ही शहर के प्रवेश द्वारों पर नगर निगम बैरियर लगाकर ग्रीन टैक्स वसूली शुरू कर देगा। राजधानी में प्रवेश पर यह टैक्स बाहरी नंबर वाली गाड़ियों से वसूला जाएगा। शहर में जिन लोगों के पास बाहरी नंबर की गाड़ियां हैं, वे भी इसके दायरे में आएंगे।
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पहले ग्रीन टैक्स वसूली के लिए ओल्ड बैरियर, टुटू, तारादेवी और मैहली में बैरियर लगाए गए थे।

नेशनल हाइवे ने लगाई थी रोक

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नेशनल हाईवे ने ग्रीन टैक्स वसूली पर रोक लगा दी थी। टैक्स बैरियर के नाम पर तारादेवी में केवल रस्सी लगाई गई थी। इस वजह से सारा ट्रैफिक रुक जाता था। टैक्स देने वालों व स्थानीय लोगों को इससे दिक्कत हो रही थी।

मौके पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती थीं। इसी दौरान मामला अदालत में पहुंचा। अदालत ने नगर निगम को औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। इसी के तहत अब निगम को नेशनल हाईवे स्तर का बैरियर बनाना है।

नगर निगम आयुक्‍त अमरजीत सिंह ने नेशनल हाईवे ने जो आपत्ति जताई थी, उसे दूर कर रिवाइज ड्राइंग तैयार कर भेजने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अब मंजूरी मिलते ही ग्रीन टैक्स वसूली शुरू कर दी जाएगी।

एक साल में होनी थी छह करोड़ की कमाई

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नगर निगम ने 15 सितंबर 2012 को शहर में ग्रीन टैक्स लागू किया। 24 अगस्त 2012 को केंद्र सरकार की ओर से ग्रीन फीस लगाने के लिए अनुमति दी गई। इसका ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया। यह छह करोड़ का सालाना टेंडर था। लेकिन ग्रीन टैक्स विवादों में रहा। शुरुआती समय में ही आपत्तियों के कारण ग्रीन टैक्स वसूली को बंद करना पड़ा।

नगर निगम का दावा है कि बाहरी राज्यों से शिमला आने वाले पर्यटकों को नगर निगम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाता है। इसके बदले निगम को कुछ नहीं मिलता। आय बढ़ाने के मकसद से यह शुल्क लिया जाएगा।

नगर निगम का कहना है कि बाहरी राज्यों से शिमला आने वाले पर्यटकों को जहां पार्किंग, शौचालय आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, वहीं ऐतिहासिक धरोहर से भी रूबरू हो सकेंगे।

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