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Shimla News: बच्चों को सुनाई कहानियां लिखने को भी किया प्रेरित
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शिमला। युवा पीढ़ी को सृजनात्मकता और लोक संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से भाषा एवं संस्कृति विभाग ने एक समय की बात है कहानी वाचन श्रृंखला के तहत गेयटी थियेटर के सम्मेलन कक्ष में वीरवार को एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला स्कूल के 60 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार अनुराग पराशर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और बच्चों को कहानियां सुनाई तथा लिखने के लिए प्रेरित किया। वहीं पेट की लड़ाई कहानी के माध्यम से एकता में बल और हर चीज के महत्व को समझाया। सत्र का मुख्य आकर्षण बच्चों का कहानी वाचन रहा। छात्र लक्ष्य ने ईमानदार लकड़हारा सुनाकर ईमानदारी का संदेश दिया। परिधि ने स्वामी विवेकानंद की प्रेरक कहानी, गूंजन ने बच्चा जो सवाल करने से नहीं डरता के माध्यम से समाज में बदलाव के लिए सवाल पूछने की जरूरत बताई। सोनाक्षी ने मां का साथ, बेटी का सपना के जरिये बेटियों को अवसर देने की बात कही। आशीष, विशाल और आरब ने भी अपनी कहानियों से सभी को प्रभावित किया। बच्चों ने कहानीकार से सवाल-जवाब कर कहानी लेखन की बारीकियां भी सीखीं। इस दौरान विभाग के सहायक निदेशक अनिल हारटा और जिला भाषा अधिकारी सरोज नरवाल सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार अनुराग पराशर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और बच्चों को कहानियां सुनाई तथा लिखने के लिए प्रेरित किया। वहीं पेट की लड़ाई कहानी के माध्यम से एकता में बल और हर चीज के महत्व को समझाया। सत्र का मुख्य आकर्षण बच्चों का कहानी वाचन रहा। छात्र लक्ष्य ने ईमानदार लकड़हारा सुनाकर ईमानदारी का संदेश दिया। परिधि ने स्वामी विवेकानंद की प्रेरक कहानी, गूंजन ने बच्चा जो सवाल करने से नहीं डरता के माध्यम से समाज में बदलाव के लिए सवाल पूछने की जरूरत बताई। सोनाक्षी ने मां का साथ, बेटी का सपना के जरिये बेटियों को अवसर देने की बात कही। आशीष, विशाल और आरब ने भी अपनी कहानियों से सभी को प्रभावित किया। बच्चों ने कहानीकार से सवाल-जवाब कर कहानी लेखन की बारीकियां भी सीखीं। इस दौरान विभाग के सहायक निदेशक अनिल हारटा और जिला भाषा अधिकारी सरोज नरवाल सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
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